दुनिया के कई देशों में कुछ खास लोगों को वायरस से बचाने के लिए बूस्टर डोज दी जा रही है। हालांकि अभी ऐसा कोई तथ्य नहीं है जिससे स्पष्ट कहा जा सके कि बूस्टर डोज कब देनी है।
वेल्लोर के क्रिश्चयन मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजिस्ट प्रो. गगनदीप कंग ने कहा है कि अभी हमारे पास ऐसा कोई आंकड़ा नहीं है जिससे हम बता सकें कि दो खुराक ले चुके व्यक्ति को बूस्टर डोज कब लगनी चाहिए। डॉ. कंग ने कहा, मॉडर्ना और एस्ट्राजेनेका के टीके से मजबूत सुरक्षा कवच बन रहा है, लेकिन अभी ऐसा कोई पैमाना नहीं है जिससे ये स्पष्ट हो सके कि कितनी सुरक्षा मुहैया कराती है।
अमेरिका में सभी को लग सकती है बूस्टर डोज
अमेरिका में सभी को बूस्टर डोज लग सकती है। डेल्टा वैरिएंट के बढ़ते प्रकोप को देख अमेरिकी सरकार की तैयारी है कि टीके की दो खुराक ले चुके लोगों को तीसरी डोज आठ माह बाद दी जाए। इसी सप्ताह सभी के लिए बूस्टर डोज देने पर फैसला ले सकता है।