इमरान ने अपने वकील सलमान सफदर के जरिए शनिवार को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। एक विशेष अदालत ने उनकी जमानत रद्द कर दी थी। विशेष अदालत ने 13 सितंबर को गोपनीय राजनयिक केबल लीक मामले में इमरान खान और दो बार विदेश मंत्री रहे शाह महमूद कुरैशी की न्यायिक हिरासत 26 सितंबर तक बढ़ा दी थी।
दोनों पर पिछले साल मार्च में पाकिस्तानी दूतावास द्वारा भेजे गए एक दस्तावेज के संबंध में देश के गुप्त कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आमिर फारूक ने इमरान खान के वकील की दलीलें सुनने के बाद संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) को नोटिस जारी किया और उसे उनकी याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी ने एक व्हाट्सएप संदेश में पुष्टि की कि बाद में अदालत ने सुनवाई अगले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दी।
एफआईए ने पिछले महीने मामला शुरू किया था और इमरान खान को उस समय गिरफ्तार किया गया था जब वह अटक जेल में थे। तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से इमरान को पांच अगस्त से अटक जेल में रखा गया है। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने 5 अगस्त को उसकी सजा निलंबित कर दी थी लेकिन वह राजनीयक केबल लीक मामले में अब भी अटक जेल में बंद है।
वहीं, शाह महमूद कुरैशी को विदेश मंत्री रहने के दौरान अमेरिका में पाकिस्तानी दूतावास द्वारा विदेश कार्यालय को भेजे गए आधिकारिक केबल की गोपनीयता का उल्लंघन करने के लिए सरकारी गोपनीयता कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था।
पिछले साल मार्च में वाशिंगटन में पाकिस्तानी दूतावास द्वारा भेजे गए एक केबल के मामले में गोपनीय कानूनों का उल्लंघन करने के आरोपों पर इमरान के खिलाफ पिछले महीने सिफर मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने दावा किया था कि यह उनकी सरकार को गिराने के लिए रची जा रही 'अंतरराष्ट्रीय साजिश' का सबूत है।