चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने कहा कि चीनी दल ने मांग की कि अमेरिका ने चीनी उत्पादों पर जो अतिरिक्त शुल्क और प्रतिबंध लगा रखे हैं, उन्हें वह हटाए। इस एजेंसी के मुताबिक इसके साथ ही चीनी दल ने चीन के आर्थिक विकास मॉडल और औद्योगिक नीति की व्याख्या प्रस्तुत की। उसने कहा कि चीन इनका पालन करना जारी रखेगा।
चीन के सरकार समर्थक अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में कहा है कि अमेरिका के साथ समानता के स्तर पर बातचीत करके व्यापार वार्ता में चीन ने आत्म-विश्वास हासिल किया है। उसने कहा- चीन इस बारे में फैसला इस बात के आकलन से करेगा कि अमेरिका-चीन संबंधों को सुधारने को लेकर जो बाइडन प्रशासन कितना गंभीर है। इस बात का संकेत इससे ही मिलेगा कि क्या अमेरिका चीनी उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क हटाता है और क्या वह चीनी कंपनियों को अपनी प्रतिबंध की सूची से बाहर करता है। ग्लोबल टाइम्स ने कहा- चीन की आर्थिक व्यवस्था और औद्योगिक नीति को ‘राज्य केंद्रित’, ‘तानाशाही’ और ‘गैर-बाजार नजरिए से संचालित’ बता कर अमेरिका खुद अपने हितों को नुकसान पहुंचा रहा है।
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के अखबार पीपुल्स डेली ने भी इस बारे में एक टिप्पणी प्रकाशित की है। उसने कहा है कि अमेरिका को खुश करने के लिए चीन खुद को नुकसान पहुंचाने वाली नीति नहीं अपनाएगा। अखबार ने कहा- ‘’टाय-लिउ वार्ता के दौरान अमेरिका ने एक बार फिर अनियंत्रित शब्दों का इस्तेमाल किया और चीन के सामने अतार्किक मांगें रखीं। अमेरिका चाहता है कि चीन अमेरिकी हितों की रक्षा के लिए अपनी राष्ट्रीय नीतियां बदल दे। लेकिन ऐसा करना हमारे लिए कठिन है।’