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बैटवूमन: क्या नए रूप से दस्तक देगा खतरनाक कोरोनावायरस? चीन की प्रमुख वायरोलॉजिस्ट शी झेंगली ने किया बड़ा दावा

Sun, 24 Sep 2023 09:54 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चीन की 'बैटवूमन' शी झेंगली के दावे ने दुनियाभर के देशों की नींद उड़ा दी है। उनके हालिया शोध में कहा गया कि दुनिया को फिर से कोरोना वायरस के नए रुप का सामना करना पड़ सकता है।
 
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शी झेंगली (फाइल फोटो) - फोटो : साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट
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विस्तार
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चीन की प्रमुख वायरोलॉजिस्ट शी झेंगली के एक दावे ने माथे पर चिंता की लकीर खींच दी है। बैटवूमन के नाम से विख्यात चीन की प्रमुख वायरोलॉजिस्ट ने दावा किया है कि भविष्य में एक और कोरोना वायरस का सामना करना पड़ सकता है। यह बात उन्होंने अपने एक हालिया रिसर्च पेपर के जरिए कही है। उन्होंने अपने सह कर्मियों के साथ यह रिसर्च की है।
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साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह दावा उनकी विशेषज्ञता पर आधारित है। क्योंकि कोरोना वायरस पहले 2003 सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम(SARS) और कोविड-19 महामारी जैसी बड़ी महामारी का कारण रह चुका है।

कोरोना वायरस प्रजातियों का मूल्यांकन 
वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी की शी झेंगली और उनके साथियों ने 40 विभिन्न कोरोना वायरस प्रजातियों का मूल्यांकन किया । जिसमें पाया गया कि आधी प्रजातियां अत्यधिक जोखिम भरी है। वहीं रिपोर्ट में कहा गया कि इनमें से छह पहले से ही इंसानों में बीमारियों पैदा कर चुके हैं और अन्य 3 ने पशुओं को संक्रमित किया था।
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शोध के निष्कर्ष में दावा
शी झेंगली और उनके साथियों द्वारा किए गए शोध के परिणामों पर कई दावे किए गए हैं। शोध के परिणामों के अनुसार, भविष्य में बीमारी का उभरना लगभग तय है। जिनमें से एक और कोरोना वायरस संबंधी प्रकोप की उच्च संभावनाएं हैं। यह दावा विभिन्न वायरल विश्लेषण पर आधारित है, जिसमें जनसंख्या की गतिशीलता, आनुवंशिक विविधता, मेजबान प्रजातियां और जूनोटिक ट्रांसमिशन का इतिहास (जानवरों से इंसानों में फैलने वाली बीमारियां) शामिल हैं।

सवालों के घेरे में शी के शोध
शी झेंगली के शोध पर सवाल खड़े हो रहे हैं। खासतौर पर कुछ अमेरिकी राजनेताओं को संदेह है कि कोविड-19 वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में रिसाव के कारण फैला था,जहां शी काम कर रही है।

जून में जारी किए गए अमेरिकी खुफिया दस्तावेजों के अनुसार यह पुष्टि तो नहीं हुई है कि कोविड-19 का रिसर्च के दौरान रिसाव हुआ था लेकिन इस बात को नकारा भी नहीं जा सकता है।

इसके साथ ही, चीन के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के एक वैज्ञानिक ने चीन में कोविड-19 से निपटने में एक बदलाव का उल्लेख किया है। जिससे पता चलता है कि चीनी अधिकारी वायरस के महत्व को कम कर रहे हैं। कुछ शहरों ने संक्रमण डेटा जारी करना बंद कर दिया है,जो सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं में बदलाव का संकेत है।
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