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जोरो कोविड नीति: डेल्टा वैरिएंट पर काबू पाने वाला पहला देश बनेगा चीन, बीते सोमवार को नहीं आया एक भी केस

Tue, 24 Aug 2021 04:54 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

डेल्टा वैरिएंट के कारण 20 जुलाई के बाद से चीन में कोरोना संक्रमण का नया दौर आया। इस वैरिएंट से संक्रमित पहले व्यक्ति की पहचान उसी रोज पूर्वी शहर नानकिंग में हुई थी। उसके बाद संक्रमण की हालत बिगड़ने लगी...
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चीन में कोरोना वायरस - फोटो : PTI (File Photo)
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जुलाई के बाद सोमवार ऐसा पहला दिन रहा, जब चीन में कोरोना संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया। इसे चीन में अपनाए गए ‘शून्य कोविड’ नजरिए का परिणाम माना गया है। बीते कई दिनों से चीन में संक्रमण के मामले घट रहे थे। सोमवार को मिली जानकारी के बाद अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन ने एक टिप्पणी में कहा कि चीन कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट से फैले संक्रमण पर काबू पाने वाला दुनिया का पहला देश बनने की स्थिति में है।

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डेल्टा वैरिएंट के कारण 20 जुलाई के बाद से चीन में कोरोना संक्रमण का नया दौर आया। इस वैरिएंट से संक्रमित पहले व्यक्ति की पहचान उसी रोज पूर्वी शहर नानकिंग में हुई थी। उसके बाद संक्रमण की हालत बिगड़ने लगी। डेल्टा संक्रमण के मामले चीन के 31 में से आधे से ज्यादा प्रांतों में पाए गए। नए दौर में 1,200 से ज्यादा लोग संक्रमित हुए। ये मामले चीन की जोरो कोविड नीति के लिए बड़ी चुनौती बन गए।

अधिकारियों ने महामारी की नई लहर को देखते हुए कई शहरों में सख्त लॉकडाउन लागू किए। इसके साथ ही टेस्टिंग और संक्रमण के मामलों की पहचान का व्यापक अभियान छेड़ा गया। देश के अंदर यात्राओं पर रोक लगा दी गई। अब ऐसा लगता है कि इन सख्त उपायों का असर हुआ है। बीते एक हफ्ते में हर रोज 100 से कम नए मामले सामने आए हैं। सोमवार को स्थानीय संक्रमण का एक भी नया मामला सामने नहीं आया। लेकिन 21 ऐसे मामले सामने जरूर आए, जिनमें विदेश गए व्यक्ति संक्रमित हुए हैं। बिना लक्षण वाले 16 मामले सामने आए। लेकिन ये लोग भी विदेश में संक्रमित हुए हैं।

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चीन में सिम्टम वाले और बिना सिम्टम वाले मामलों की गिनती अलग-अलग की जाती है। संक्रमण के मामलों की जो संख्या सरकार बताती है, उसमें बिना सिम्टम (लक्षण) वाले मामले शामिल नहीं किए जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सोमवार को जो स्थिति रही, वह आगे भी जारी रहती है, तो चीन ऐसा पहला देश होगा, जो डेल्टा वैरिएंट पर पूरी तरह काबू पा लेगा।

चीन की तरह जीरो कोविड की नीति सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में भी अपनाई गई है। इन देशों में भी कोविड के मामलों को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य घोषित किया गया है। न्यूजीलैंड में संक्रमण का कोई मामला सामने आते ही पूरा लॉकडाउन लागू कर दिया जाता है। ये नीति वहां कामयाब रही है। सिंगापुर भी इस नीति के जरिए कोरोना महामारी पर काबू पाने में सफल रहा था। लेकिन ऑस्ट्रेलिया में काबू पाने की चुनौती अभी भी बनी हुई है।

ऑस्ट्रेलिया में इस समय सिडनी, मेलबर्न और राजधानी कैनबरा में सख्त लॉकडाउन लागू है। इसके बावजूद देश में संक्रमण के मामले बढ़े हैं। बीते शनिवार को तो वहां महामारी की शुरुआत के बाद से एक दिन में संक्रमण के सबसे ज्यादा नए मामले सामने आने का रिकॉर्ड बना। रविवार को ऑस्ट्रेलियाई अखबारों में लिखे एक लेख में प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने संकेत दिया कि देश में अब जीरो कोविड की नीति खत्म की जा सकती है। सिंगापुर में पहले ही ये नीति खत्म कर दी गई है। सिंगापुर में अब लोगों को सलाह दी गई है कि वे कोरोना के साथ जीना सीख लें। लेकिन चीन अभी इस नीति पर कायम है।
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