चीन में सिम्टम वाले और बिना सिम्टम वाले मामलों की गिनती अलग-अलग की जाती है। संक्रमण के मामलों की जो संख्या सरकार बताती है, उसमें बिना सिम्टम (लक्षण) वाले मामले शामिल नहीं किए जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सोमवार को जो स्थिति रही, वह आगे भी जारी रहती है, तो चीन ऐसा पहला देश होगा, जो डेल्टा वैरिएंट पर पूरी तरह काबू पा लेगा।
चीन की तरह जीरो कोविड की नीति सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में भी अपनाई गई है। इन देशों में भी कोविड के मामलों को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य घोषित किया गया है। न्यूजीलैंड में संक्रमण का कोई मामला सामने आते ही पूरा लॉकडाउन लागू कर दिया जाता है। ये नीति वहां कामयाब रही है। सिंगापुर भी इस नीति के जरिए कोरोना महामारी पर काबू पाने में सफल रहा था। लेकिन ऑस्ट्रेलिया में काबू पाने की चुनौती अभी भी बनी हुई है।
ऑस्ट्रेलिया में इस समय सिडनी, मेलबर्न और राजधानी कैनबरा में सख्त लॉकडाउन लागू है। इसके बावजूद देश में संक्रमण के मामले बढ़े हैं। बीते शनिवार को तो वहां महामारी की शुरुआत के बाद से एक दिन में संक्रमण के सबसे ज्यादा नए मामले सामने आने का रिकॉर्ड बना। रविवार को ऑस्ट्रेलियाई अखबारों में लिखे एक लेख में प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने संकेत दिया कि देश में अब जीरो कोविड की नीति खत्म की जा सकती है। सिंगापुर में पहले ही ये नीति खत्म कर दी गई है। सिंगापुर में अब लोगों को सलाह दी गई है कि वे कोरोना के साथ जीना सीख लें। लेकिन चीन अभी इस नीति पर कायम है।