कनाडा के उप प्रधानमंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड से एक पत्रकार ने पूछा कि हरदीप निज्जर जब जिंदा था, तो कनाडा ने उसे संदिग्ध आतंकी मानते हुए नो-फ्लाई लिस्ट में डाले रखा और उसके बैंक खाते भी फ्रीज कर दिए गए थे। लेकिन, जब मर गया तो उसे संसद में सम्मान दिया जा रहा है। ऐसे व्यक्ति को आखिर कनाडाई संसद में श्रद्धांजलि क्यों दी गई।
खालिस्तानी आतंकी हरदीप निज्जर को कनाडाई संसद में श्रद्धांजलि देने के सवाल पर उप प्रधानमंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड की बोलती बंद हो गई। जब कोई संतोषजनक जवाब नहीं सूझा, तो शर्मनाक तरीके से आतंकी को संसद में श्रद्धांजलि देने को सही काम बताया।
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शुक्रवार को फ्रीलैंड से एक पत्रकार ने पूछा कि निज्जर जब जिंदा था, तो कनाडा ने उसे संदिग्ध आतंकी मानते हुए नो-फ्लाई लिस्ट में डाले रखा और उसके बैंक खाते भी फ्रीज कर दिए गए थे। लेकिन, जब मर गया तो उसे संसद में सम्मान दिया जा रहा है। ऐसे व्यक्ति को आखिर कनाडाई संसद में श्रद्धांजलि क्यों दी गई। फ्रीलैंड को इसका कोई जवाब नहीं सूझा, तो लड़खड़ाती जुबान से कहा, इसके एक पल का मौन रखना अहम था, क्योंकि यह कनाडा की धरती पर एक हत्या थी, जो पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
1985 के कनिष्क बम धमाके की जांच जारी : कनाडा पुलिस
ओटावा। कनाडा पुलिस ने कहा है कि एयर इंडिया फ्लाइट 182 (कनिष्क) में हुए बम विस्फोट की जांच अब भी जारी है। पुलिस ने इस घातक बम विस्फोट की 39वीं वर्षगांठ से पहले इसे घरेलू आतंकवाद का सबसे जटिल मामला करार दिया है। मॉन्ट्रियल-नई दिल्ली एयर इंडिया कनिष्क फ्लाइट 182 में 23 जून, 1985 को लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे पर उतरने से 45 मिनट पहले धमका हुआ। विमान में सवार सभी 329 लोग मारे गए थे।