पाकिस्तान आतंकवाद को खत्म करने के लिए नया अभियान शुरू करेगा। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को इसकी घोषणा की। देश में तालिबान प्रायोजित आतंकियों के पैर जमाने के बीच प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा, आतंकवाद से लड़ना सभी संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी है।
प्रधानमंत्री शरीफ ने राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपी) की शीर्ष समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक को संबोधित करते हुए पीएम शरीफ ने कहा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई हमारा सामूहिक कर्तव्य और देश की सभी संस्थाओं का प्राथमिक दायित्व है। यह आपके और मेरे बारे में नहीं, बल्कि हमारे बारे में है। हमें इसे साथ मिलकर खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रांतों को भी देश में आतंकवाद से निपटने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
प्रधानमंत्री शहबाज ने कहा कि पाकिस्तान पिछले ढाई दशकों से आतंकवाद का सामना कर रहा है। अपराध, मादक पदार्थ, तस्करी, उग्रवाद और धार्मिक आतंकवाद की संलिप्तता के कारण इससे निपटना जटिल हो गया है।
16 दिसंबर, 2014 को पेशावर के स्कूल में हमले के बाद आतंकवाद को खत्म करने के लिए 20 सूत्री एनएपी एजेंडा सरकार द्वारा अपनाया गया था और विपक्षी दलों द्वारा अनुमोदित किया गया था।
शीर्ष समिति की बैठक ऐसे समय में हुई जब पाकिस्तान ने हाल के वर्षों में आतंकवादी कृत्यों में बढ़ोतरी का सामना किया है। अनुसंधान एवं सुरक्षा अध्ययन केंद्र द्वारा जारी एक वार्षिक सुरक्षा रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में 2023 के दौरान 789 आतंकवादी हमलों और आतंक-रोधी अभियानों में 1,524 मौतें हुईं और 1,463 लोग घायल हो गए।