वैक्सीन विरोधी गुट आउटरीच वर्ल्डवाइड ने इंस्टाग्राम पर डाले गए एक पोस्ट के जरिए बच्चों के टीकाकरण के खिलाफ आंदोलन का आह्वान किया। उसमें कहा गया- ‘बच्चों के पक्ष में खड़े हों। जिस दिन स्कूल में टीकाकरण हो, उसमें शांतिपूर्ण तरीकों से बाधा डालें।’ कुछ दूसरे वैक्सीन विरोधी गुटों ने स्कूलों के बाहर पोस्ट लगाए हैं, जिनमें लिखा है- ‘मम्मियां बच्चों को टीका लगाने का विरोध करती हैं’ और ‘ये वैक्सीन हमारे बच्चों को नुकसान पहुंच रही हैं’।
उधर वैक्सीन विरोधी वकीलों के संगठन लॉयर्स फॉर लिबर्टी ने एक ट्विट में एलान किया है कि वह उन बच्चों के माता-पिता की तरफ से स्कूलों को लीगल नोटिस भेजेगा, जिनकी सहमति के बिना टीका लगा दिया गया है। टीकाकरण विरोधी अभियान से सरकार भी चिंतित है। ब्रिटिश संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स में इस मुद्दे पर चर्चा हुई। उसमें कौशल विकास मंत्री एलेक्स बर्गहार्ट ने कहा कि स्कूलों के बाहर वैक्सीन विरोधी प्रदर्शन पूरी तरह अस्वीकार्य हैं।
ब्रिटेन में अभी भी कोरोना संक्रमण की दर ऊंची बनी हुई है। लेकिन टीकाकरण का असर यह हुआ है कि अब बहुत कम मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ रही है। विशेषज्ञों ने कहा है कि ऊंची संक्रमण दर के बीच वैक्सीन विरोध समूह मुश्किलों को और बढ़ा रहे हैं।