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सख्ती: फेसबुक पर नहीं होगी पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप की वापसी, विशेषज्ञ बोले- बाइडन के लिए यह उपहार की तरह

Wed, 05 May 2021 08:07 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फेसबुक अकाउंट निलंबित रहेगा। पर्यवेक्षण बोर्ड ने ट्रंप के फेसबुक से निलंबन को बरकरार रखा है और कहा है कि कंपनी उचित जुर्माना लगाने में नाकाम रही। बता दें कि राजधानी वाशिंगटन में छह जनवरी को संसद परिसर में हुई हिंसा को भड़काने के लिए चार महीने पहले डोनाल्ड ट्रंप के फेसबुक अकाउंट को निलंबित कर दिया गया था। ट्रंप के अकाउंट का निलंबन जारी रखना का फैसला राष्ट्रपति बाइडन के लिए का बड़ा 'उपहार' समझा जा रहा है।

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सोशल मीडिया नेटवर्क के अर्ध-स्वतंत्र पर्यवेक्षण बोर्ड ने फेसबुक पर उनके अकाउंट के निलंबन को बरकरार रखने के पक्ष में राय व्यक्त की। निलंबन को बरकरार रखते हुए बोर्ड को हालांकि उस तरीके में कमी नजर आई जिसके तहत फेसबुक ने यह फैसला लिया था। बोर्ड ने कहा, 'फेसबुक के लिए अनिश्चितकाल के लिए निलंबन का अनिश्चित और मानकविहीन जुर्माना लगाना उचित नहीं था।'

बोर्ड ने कहा कि फेसबुक के पास सात जनवरी को लगाए गए मनमाने जुर्माने के खिलाफ फिर से जांच कर कोई और जुर्माना तय करने के लिए छह महीने का समय है जिससे उल्लंघन की गंभीरता और भविष्य में नुकसान की संभावना परिलक्षित हो। बोर्ड ने कहा, नया जुर्माना निश्चित रूप से स्पष्ट, अनिवार्य, आनुपातिक व गंभीर उल्लंघनों को लेकर फेसबुक के नियमों के मुताबिक होना चाहिए।
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पर्यवेक्षण बोर्ड ने कहा कि फेसबुक अगर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खाते को बहाल करने का फैसला करता है तो कंपनी को आगे होने वाले नियमों के उल्लंघनों का तत्काल पता लगाने में सक्षम होना चाहिए। उल्लेखनीय है कि अमेरिका की संसद के परिसर में हिंसा के बाद माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने भी डोनाल्ड ट्रंप के व्यक्तिगत अकाउंट पर स्थायी रूप से प्रतिबंधित लगा दिया था।

विशेषज्ञ बोले-फेसबुक ने बाइडन को खास 'उपहार' दिया
ट्रंप के अकाउंट का निलंबन जारी रखना का फैसला राष्ट्रपति बाइडन के लिए का बड़ा 'उपहार' समझा जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि सोशल मीडिया अकाउंट्स के निलंबन के कारण नेशनल नैरेटिव पर ट्रंप का कंट्रोल टूट गया है।  इसका नतीजा हुआ है कि जो बाइडन अपने कामकाज पर ध्यान केंद्रित कर पाए हैं। कोविड-19 महामारी से निपटने में बाइडन प्रशासन को खास कामयाबी मिली है। तेजी गति से हुए टीकाकरण के साथ-साथ 1.9 ट्रिलियन डॉलर का कोरोना राहत पैकेज देकर उन्होंने देश को मुसीबत से निकालने की ओर अहम कदम उठाए हैं। इस दौरान वे ट्रंप की तीखी आलोचनाओं से बचे रहे हैं।

ट्रंप कार्यकाल के दौरान ह्वाइट हाउस में अधिकारी रहे क्लिफ सिम्स ने वेबसाइट एक्सियोस.कॉम से कहा- 'ट्रंप पर सोशल मीडिया प्रतिबंध एक प्रकार से बाइडन के पक्ष में योगदान है।  डेमोक्रेटिक पार्टी के रणनीतिकार अबी रहमान ने कहा है- ट्रंप आक्रामक ढंग से नेशनल एजेंडा सेट करते हैं। उनके ऐसा ना कर पाने से बाइडन अपने काम पर ध्यान केंद्रित रख पाए, जो उनके लिए लाभदायक रहा है। 

ट्रंप को ट्विटर और फेसबुक पर उनके पोस्ट को हजारों की संख्या में 'लाइक' मिलते थे। बड़ी संख्या में उन्हें शेयर या रीट्विट किया जाता था। उससे उनके पक्ष में मनोवैज्ञानिक माहौल बना रहता था।  फेसबुक के इस कदम से रिपब्लिकन पार्टी में गुस्सा है। हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रिपब्लिकन सदस्य जिम बैंक्स ने कहा- 'अगर फेसबुक सोचता है कि वह इतना बड़ा हो गया है कि जनता से निर्वाचित होने वाले नेताओं को खामोश कर सकता है, तो ये समय है कि कंजरवेटिव ताकतें उसके एकाधिकार को तोड़ने के कदम आगे बढ़ाएं।' हाउस के एक दूसरे रिपब्लिकन सदस्य जिम जॉर्डन ने कहा कि अब समय आ गया है जब फेसबुक कंपनी को तोड़ दिया जाए। 

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