यह वार्ता अमेरिका और भारत के बीच शीर्ष स्तरीय चर्चा के लिए एक मंच प्रदान करेगी, जिसमें महत्वपूर्ण द्विपक्षीय और वैश्विक मामलों को संबोधित किया जाएगा, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में होने वाले घटनाक्रमों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन और रक्षा मंत्री ऑस्टिन अपने भारतीय समकक्षों एस जयशंकर और राजनाथ सिंह के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। चर्चा में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, वैश्विक चिंताओं को दूर करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने सहि कई मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
बयान में कहा गया है कि प्रतिनिधिमंडल 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता में भाग लेने के लिए नई दिल्ली जाएंगे, जिसमें रक्षा मंत्री लॉयड जे ऑस्टिन तृतीय भी शामिल होंगे। यह प्रतिनिधिमंडल विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय और वैश्विक चिंताओं और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विकास दोनों पर चर्चा के लिए मुलाकात करेगा।
विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, विदेश मंत्री ब्लिंकन दो से दस नवंबर तक तेल अवीव (इस्राइल), अम्मान (जॉर्डन), अंकारा (तुर्किए), टोक्यो (जापान), सिओल (कोरिया गणराज्य) और नई दिल्ली (भारत) का दौरा करेंगे।
शुक्रवार को इस्राइल पहुंचे ब्लिंकन ने एक दिन बाद जॉर्डन की राजधानी अम्मान में एक शिखर सम्मेलन के दौरान कई विदेश मंत्रियों और लेबनान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री समेत अरब अधिकारियों से मुलाकात की, जिसमें इस्राइल और गाजा में चल रहे संघर्ष पर चर्चा हुई।
मैथ्यू मिलर के मुताबिक, शनिवार सुबह ब्लिंकन ने लेबनान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री नजीब मिकाती से मुलाकात की और इस्राइल-लेबनान सीमा पर ईरान समर्थिक लेबनानी सशस्त्र समूह हिजबुल्ला और इस्राइल के बीच हफ्तों से चल रहे तनाव पर चर्चा की।
वहीं, अमेरिका के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र की अपनी नौवीं यात्रा के तहत रक्षा मंत्री ऑस्टिन भी ब्लिंकन के साथ अगले सप्ताह भारत आएंगे। अपनी भारत यात्रा के बाद ऑस्टिन दक्षिण कोरिया और इंडोनशिया के लिए रवाना होंगे। मंत्रिस्तरीय वार्ता के बाद ब्लिंकन और ऑस्टिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।