फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US: जूलियन असांजे पर आरोप हटाने का अमेरिका कर रहा विचार, सेना से जुड़े दस्तावेजों को लीक करने से जुड़ा मामला

Thu, 11 Apr 2024 06:56 PM IST
आदर्श शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

ऑस्ट्रेलिया की संसद ने फरवरी में एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें असांजे की कानूनी बाधाओं को समाप्त करने का आह्वान किया गया था, जो अमेरिका में प्रत्यर्पण की लड़ाई के दौरान 2019 से ब्रिटेन में है। बाइडन ने कहा कि हम ऑस्ट्रेलिया की अपील पर विचार कर रहे हैं। 
विज्ञापन
जो बाइडन-जूलियन असांजे - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका राष्ट्रपति बाइडन के बुधवार को कहा कि वह जासूसी के आरोप में विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे के खिलाफ मुकदमा चलाने के ऑस्ट्रेलिया के अपील पर विचार कर रहे थे। गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलियाई नागरिक जूलियन असांजे को 2010 में इराक और अफगानिस्तान युद्ध से जुड़े वर्गीकृत दस्तावेजों के लीक होने में उनकी भूमिका के लिए अमेरिकी सरकार द्वारा दोषी ठहराया गया है।
विज्ञापन


ऑस्ट्रेलिया की अपील अमेरिका कर रहा विचार- बाइडन
ऑस्ट्रेलिया की संसद ने फरवरी में एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें असांजे की कानूनी बाधाओं को समाप्त करने का आह्वान किया गया था, जो अमेरिका में प्रत्यर्पण की लड़ाई के दौरान 2019 से ब्रिटेन में है। बाइडन ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि हम जूलियन असांजे के मामले पर विचार कर रहे हैं। 

क्या है मामला
52 साल के ऑस्ट्रेलियाई नागरिक असांजे को अमेरिकी सरकार ने 2010 में इराक और अफगानिस्तान में लड़ाईयों से जुड़े वर्गीकृत दस्तावेजों को लीक करने में उनकी भूमिका के लिए दोषी ठहराया है। दोषी पाए जाने पर उसे उम्र कैद की जेल की सजा का सामना करना पड़ सकता है।
विज्ञापन


उन पर से आरोप हटा दें- असांजे की पत्नी स्टेला
बाइडन की टिप्पणियों के जवाब में असांजे की पत्नी स्टेला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह सही काम है, उन पर से आरोप हटा दें। उन्होंने पहले कहा था कि जेल में असांजे के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में गिरावट आ रही है और अगर उनके पति को अमेरिका भेजा गया तो वे मर जाएंगे।

वहीं, असांजे और उनके समर्थकों का कहना है कि उन्होंने अमेरिकी सेना के गलत कामों को उजागर किया है और उनके मामले को मीडिया की स्वतंत्रता की लड़ाई के रूप में देखते हैं। वॉशिंगटन का कहना है कि उनके लीक ने दस्तावेजों को प्रकाशित करके लोगों की जान जोखिम में डाल दी है, जिनमें खुफिया स्रोतों के नाम भी शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें