Bangladesh Unrest: बांग्लादेश पिछले दो महीने से हिंसाग्रस्त होने के बाद अब राजनीतिक संकट से जूझ रहा है। मौजूदा प्रधानमंत्री के इस्तीफे और देश छोड़कर जाने के बाद राष्ट्रपति ने बड़ा फैसला लेते हुए विपक्षी नेता खालिदा जिया को रिहा करने का आदेश दिया है।
बांग्लादेश में हिंसा के बाद से जो खबरें आई, उसने सभी को हैरान करके रखा दिया है। पहले तो देश की प्रधानमंत्री रहीं शेख हसीना के अचानक देश छोड़ने की खबर सामने आई, इसके बाद सेना प्रमुख ने प्रेस कॉन्फ्रेंस प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की घोषणा भी की। इन सबके बीच देश में प्रदर्शनकारियों की तरफ से आगजनी, हिंसा और तोड़-फोड़ का सिलसिला जारी है।
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राष्ट्रपति ने खालिदा जिया को रिहा करने का दिया आदेश
वहीं देश में प्रधानमंत्री का पद खाली और राजनीतिक संकट को देखते हुए देश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने विपक्षी नेता खालिदा जिया को रिहा करने का आदेश दे दिया है। बता दें कि खालिदा जिया विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की प्रमुख हैं और वे 1991-96 और 2001-06 के दौरान दो बार देश की प्रधानमंत्री भी रह चुकी हैं।
क्या सत्ता में होगी खालिदा जिया की वापसी?
अब ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की प्रमुख खालिदा जिया की सत्ता में वापसी हो सकती है। बता दें कि खालिदा जिया की बीएनपी को बांग्लादेश की कट्टरपंथी पार्टी मानी जानी वाली बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी का भी समर्थन हासिल है। जिसे हाल ही में शेख हसीना सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया था। इसके साथ बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी की छात्र शाखा बांग्लादेश इस्लामी छात्र शिबिर पर हसीना सरकार ने आतंकवाद विरोधी कानून के तहत कार्रवाई करते हुए प्रतिबंध लगाया था। सरकार ने कट्टरपंथी पार्टी की तरफ से सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा होने का हवाला देते हुए प्रतिबंध लगाया था।
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सेना ने अंतरिम सरकार बनाने की कही थी बात
इससे पहले शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद सेना प्रमुख ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सेना प्रमुख ने कहा कि हिंसा से देश को नुकसान हुआ है। हालांकि, सेना देश के हालात को पूरी तरह संभाल लेगी। सेना ने देश में अंतरिम सरकार के गठन के साथ शांति स्थापित करने की भी बात कही। वहीं प्रदर्शनकारियों से कानून अपने हाथ में न लेने की अपील भी की गई थी।