Bangladesh: बांग्लादेश पीपुल्स पार्टी (बीपीपी) के अध्यक्ष बाबुल सरकार चाखरी ने ढाका मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जकी-अल-फराबी की अदालत में याचिका दायर की। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि शेख हसीना की सरकार के दौरान पांच मई 2013 को मोतिझील के शापला चट्टर में हुई रैली के दौरान लोगों की सामूहिक हत्या की गई।
बांग्लादेश की एक अदालत में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और 33 अन्य के खिलाफ रविवार को याचिका दायर की गई। याचिका में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने 2013 में हिफाजत-ए-इस्लाम की ओर से आयोजित रैली पर गोलीबारी कर लोगों की सामूहिक हत्या की।
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ढाका ट्रिब्यून अखबार के मुताबिक, बांग्लादेश पीपुल्स पार्टी (बीपीपी) के अध्यक्ष बाबुल सरकार चाखरी ने ढाका मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जकी-अल-फराबी की अदालत में याचिका दायर की। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि पांच मई 2013 को मोतिझील के शापला चट्टर में हुई रैली के दौरान लोगों की सामूहिक हत्या की गई। अदालत ने याचिकाकर्ता का बयान दर्ज किया और कहा कि वह इस मामले पर बाद में आदेश जारी करेगी।
हसीना ने इसी महीने की पांच अगस्त को प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दिया और देश छोड़कर भारत आ गईं। वह बांग्लादेश में अभी 11 मामलों का सामना कर रही हैं। जिसमें आठ हत्या, एक अपहरण और दो जातीय जनसंहार के मामले शामिल हैं। हसीना की सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश में हुई हिंसक घटनाओं में 230 से ज्यादा लोग मारे गए। जबकि सरकारी नौकरियों में विवादित आरक्षण प्रणाली के खिलाफ छात्रों के बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। जिसमें 600 से ज्यादा लोगों की मौत हुई।
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बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यून ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री और नौ अन्य के खिलाफ 15 जुलाई से पांच अगस्त के बीच छात्र आंदोलन के दौरान कथित जातीय जनसंहार और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों की जांच शुरू की। हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के पतन के बाद एक अंतरिम सरकार का गठन किया गया है। इस अंतरिम सरकार का प्रमुख नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को नियुक्त किया गया है।