दुनियाभर के वैज्ञानिक इस वक्त कोरोना वायरस को फैलने से रोकने और उसका इलाज खोजने में जुटे हुए हैं। इसी बीच, ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस के इलाज के लिए एंटी वायरल दवा खोजने का दावा किया है। एक सुपर कंप्यूटर की मदद से यह दवा खोजी गई है।
इनहेलर से इस्तेमाल: साल के अंत तक बाजार में
मोनाश यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने दवा को संक्रमण से बचाव के लिए कामयाब होने का दावा किया है। सुपर कंप्यूटर की मदद से की गई गणितीय मॉडलिंग की मदद से पाया कि इस दवा में संक्रमण के लिए जिम्मेदार सार्स-कोव-2 को ब्लॉक करने की ताकत होती है। शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि इनहेलर से ली जाने वाली इस दवा को साल के अंत तक बाजार में उतारा जा सकेगा।
वायरस का सहायक प्रोटीन करता है ब्लॉक
मोनाश यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अध्येता टॉम कारागियानिस ने बताया, ए-केटोमाइड मॉलिक्यूल मॉलिक्यूल सार्स-कोव-2 वायरस के लगातार कई प्रतिरूप बनते जाने के लिए जरूरी प्रोटीन को ब्लॉक कर देता है।
हैंडब्रेक की तरह तत्काल बचाव
टॉम के मुताबिक, यह हैंडब्रेक का काम करता है। रेप्लिकेशन रोकने से नए वायरस नहीं बनते हैं और दूसरी कोशिकाओं में संक्रमण भी रोका जा सकता है।
बेहतर असर का दावा
पिछले महीने जर्मनी के रिसर्चर्स ने ए-केटोमाइड के नए संस्करण को लेकर डाटा प्रकाशित करते हुए दावा किया था कि यह इंसानों पर बेहतर असर करता है। डॉ. टॉम ने कहा है कि उनकी टीम ने सुपरकंप्यूटर की मदद से इस मॉलिक्यूल का अध्ययन करके यह पता लगाया कि यह किस तरह वायरस को रेप्लिकेशन यानी एक के बाद एक करके प्रतिरूप बनाने से रोकता है।