खतरे में हैं पाकिस्तान के परमाणु हथियार
- फोटो : social media
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति के सुरक्षा सलाहकार रहें जॉन बोल्टन ने चेतावनी दी है कि अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता आने के बाद , पाकिस्तान पर भी अब तालीबाली कब्ज़े का खतरा मंडराने लगा है। शक्तिशाली होता तालिबान और उसके कट्टरपंथी समर्थक पाकिस्तान पर भी कब्ज़ा जमा सकते हैं। पाकिस्तान पर कब्जे का मतलब होगा उसकी परमाणु शक्ति का भी तालिबान और आतंकियों के हाथों में जाना ।
एक इंटरव्यू के दौरान बोल्टन ने कहा - अफगानिस्तान के कट्टरपंथियों के हाथों में जाने के बाद अब पाकिस्तान पर भी क़ब्ज़े का खतरा बहुत बढ़ गया है । अगर यह कब्ज़ा सफल हो जाता है तो पाकिस्तान के 150 परमाणु बम भी आतंकियों के हाथों में लग सकते है ।
ध्यान देने वाली बात है कि अमेरिका ने अफगानिस्तान से अपने सैनिक बुलाने के के क्रम में अरबो डॉलर के अत्याधुनिक हथियार वहीँ छोड़ दिए हैं जो अब तालिबानी कट्टरपंथियो के हाथ लग चुके हैं । तालिबान की ताकत बढ़ने से अब पाकिस्तान पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।
पाकिस्तान मे बढ़ रहा है तालिबान का समर्थन
तालिबान ने जब से अफगानिस्तान पर कब्ज़ा जमाया उसके बाद से ही पाकिस्तानी कट्टरपंथियों ने भी पाकिस्तान में पूरे तरह से शरिया लागू करने की मांग शरू कर दी है । कई जगहों पर कट्टरपंथियों ने तालिबान के समर्थन में झंडे फहराने शुरू कर दिएं हैं। हाल ही में इस्लामाबाद के जामिया हफ्सा मदरसे में मौलाना ने तालिबान का झंडा फहरा दिया था , जिसे हटाने गए पुलिसवालों को भारी विरोध झेलना पड़ा था । मदरसे के मौलाना ने पुलिसकर्मियों को धमकी भी दी की पाकिस्तान तालिबान आप सभी को सबक सिखाएगा।
पाकिस्तान के पास हैं करीब 150 से 160 परमाणु बम
विभिन्न समूहों के दावों के अनुसार पाकिस्तान के पास अभी 150 से 160 परमाणु बमों का जख़ीरा है । उसके पास 102 जमीन से हमला करने वाली मिसाईल और अमेरिका द्वारा खरीदें गए एफ-16 लड़ाकू विमान हैं जो परमाणु हमला करने में सक्षम हैं। दुनिया भर के विशेषज्ञ कई बार इनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर कर चुके हैं।