अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने नॉर्ड स्ट्रीम 2 पाइपलाइन को लेकर रूस पर दबाव बनाए रखने के लिए परियोजना से जुड़े लोगों व पोतों पर प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिका पर आरोप है कि उसने ऐसा करके निर्माण को धीमा करने या रोकने की असफल कोशिश की है, जिससे रूसी गैस को जर्मनी पहुंचाया जाएगा। अमेरिका को डर है कि इस परियोजना का लाभ उठाकर रूस की यूरोप में पहुंच बढ़ सकती है।
प्रतिद्वंद्वी देश की यूरोप में पहुंच बढ़ने की अमेरिका को आशंका
रूस-नियंत्रित ‘गजप्रोम’ पाइपलाइन की मालिकाना कंपनी है, जिसमें कई यूरोपीय कंपनियों ने भी निवेश किया है। परियोजना में जर्मन हितों पर अमेरिकी प्रतिबंध लगाए बिना, पाइपलाइन को पूरा करने की अनुमति देने के लिए अमेरिका ने पिछली गर्मियों में नाटो के एक प्रमुख सहयोगी जर्मनी के साथ समझौता किया था। अब अमेरिका के नए एलान में ‘ट्रांसएड्रिया लिमिटेड’ और उसके एक पोत को लक्षित किया गया है जिसने नॉर्ड स्ट्रीम के लिए काम किया। विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा, हमने अब तक पाइपलाइन से जुड़े आठ लोगों और 17 पोतों पर प्रतिबंध लगाए हैं।
कनाडा : पाइपलाइन के विवाद में गिरफ्तारी के बाद दो पत्रकार रिहा
उत्तरी ब्रिटिश कोलंबिया में एक पाइपलाइन को लेकर जारी प्रदर्शनों के खिलाफ लागू निषेधाज्ञा को कवर करते हुए गिरफ्तार एक फोटो पत्रकार और एक वृत्तचित्र निर्माता को गिरफ्तारी के तीन दिन बाद एक कनाडाई न्यायाधीश ने रिहा कर दिया। फोटो पत्रकार ब्रैकन और वृत्तचित्र निर्माता माइकल टोलेडानो को इस शर्त पर रिहा कर दिया गया कि उन्हें फरवरी में अदालत में पेश होना होगा।