तालिबान के कारण अफगानिस्तान में पनपे संकट के बीच दुनियाभर के देश चिंता में हैं। सबको अपने नागरिकों की फिक्र है। इसी को लेकर अमेरिका के व्हाइट हाउस अधिकारी ने बयान दिया कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और उपराष्ट्रपति हैरिस ने अफगानिस्तान में सुरक्षा, राजनयिक और खुफिया अपडेट पर चर्चा करने के लिए अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ मुलाकात की। उन्होंने अफगानिस्तान के करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर परिचालन की स्थिति पर चर्चा की।
अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने 14 अगस्त से 7,000 लोगों को एयरलिफ्ट किया है और जुलाई के अंत से 12,000 लोगों को निकाला है। अमेरिकी प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि काबुल हवाई अड्डे के आसपास 5,200 अमेरिकी सैनिक जमीन पर तैनात हैं। हवाई अड्डे पर अभी 6,000 लोग हैं, जिन्हें हमारी पार्षद टीम द्वारा पूरी तरह से संसाधित किया गया है और जल्द ही वे विमानों में सवार होंगे।
आगे नेड प्राइस ने कहा कि हम अफगानिस्तान में जमीनी स्थिति से वाकिफ हैं। पिछले 24 घंटों के भीतर 2,000 से अधिक यात्री सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे।
सुरक्षा के बारे में बात करते हुए विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि हम हवाई अड्डे के आसपास भीड़भाड़ से वाकिफ हैं, हवाई अड्डे के परिसर में व्यवस्थित सुविधा के लिए रक्षा विभाग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
इससे पहले पेंटागन ने कहा था कि काबुल में अमेरिका के 5,200 से अधिक सैनिक तैनात हैं। काबुल हवाई अड्डा सुरक्षित है और उड़ान संचालन के लिए खुला है।
काबुल एयरपोर्ट पर एकत्र भीड़ के कई वीडियो वायरल
काबुल एयरपोर्ट के हालिया समय में कई और वीडियो भी वायरल हुए हैं। इनमें महिलाओं को गेट और बाड़ों के बाहर मदद के लिए रोते-बिलखते देखा जा सकता है। एक वीडियो में महिला कहती है- "हमें बचा लो, तालिबान वाले आ रहे हैं।" इतना ही नहीं एयरपोर्ट पर अमेरिकी और ब्रिटिश सेना की मौजूदगी के बावजूद तालिबान ने बाहर नागरिकों के आसपास घेरा बना रखा है। ऑस्ट्रेलिया की सेना के लिए काम करने वाले एक अफगान नागरिक ने बताया कि वह बुधवार को एयरपोर्ट की लाइन में इंतजार कर रहा था। इसी दौरान तालिबान के एक आतंकी ने उसके पैर पर गोली मार दी।