अमेरिका ने बुधवार को बड़ा फैसला लेते हुए इस्राइल के एनएसओ समूह को ब्लैकलिस्ट कर दिया। बीते दिनों विवादों का केंद्र रहे पेगासस स्पाईवेयर या जासूसी सॉफ्टवेयर का निर्माण इसी एनएसओ समूह ने किया है। इसे लेकर एनएसओ समूह ने पहले कहा था कि यह स्पाईवेयर अपराधियों और आतंकवादियों को पकड़ने के लिए बनाया गया है और कंपनी इसे केवल सरकारों को ही बेचती है।
समूह पर अमेरिका की विदेश नीति और सुरक्षा हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाते हुए यह कार्रवाई की गई है। पेगासस जासूसी मामले को लेकर इस साल की शुरुआत में कई रिपोर्ट सामने आई थीं। इनमे एनएसओ समूह पर पत्रकारों, राजनीतिक विरोधियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के लिए निरंकुश सरकारों की मदद करने का गंभीर आरोप लगाया गया था।
भारत में 300 नंबरों की हुई जासूसी
पेगासस से जासूसी के मामले को लेकर भारत में भी खासा विवाद उठा था। कुछ मीडिया संस्थानों ने इस संबंध में एक बड़े डाटा लीक की जांच की थी। इसकी रिपोर्ट में भारत का उल्लेख करते हुए बताया गया था कि यहां के 300 से अधिक फोन नंबरों की इस सॉफ्टवेयर के जरिए जासूसी की गई। इनमें मंत्री, विपक्षी नेता, पत्रकार और वैज्ञानिक समेत सामाजिक कार्यकर्ता आदि भी शामिल थे।