कॉप26 शिखर सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन
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स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में इस समय जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए कॉप26 शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। 12 नवंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन में 120 से अधिक देशों के नेता हिस्सा ले रहे हैं। लेकिन, चीन और रूस के राष्ट्रपति इसमें शामिल नहीं हुए। इस पर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मंगलवार की रात बाइडन ने इस सम्मेलन को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शामिल न होने पर उनकी आलोचना की। बाइडन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन बहुत बड़ा मुद्दा है और इससे गहरे तौर पर जुड़े रूस और चीन ने इससे दूरी बना ली है।
कार्बन उत्सर्जन के मामले में अमेरिका के बाद चीन दूसरे स्थान पर है और रूस पांचवें स्थान पर है। इस सूची में तीसरे स्थान पर यूरोपीय संघ और चौथे स्थान पर भारत है। बाइडन समेत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल, इस्राइल के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट समेत कई बड़े देशों के अध्यक्ष इस शिखर सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं।
चीन और रूस ने इस शिखर सम्मेलन में अपना प्रतिनिधिमंडल भेजा है। हालांकि, पुतिन ने सम्मेलन को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया था। लेकिन, बाइडन ने उनकी गैरमौजूदगी को लेकर कहा कि रूस का जंगल जल रहा है और उसके राष्ट्रपति चुप्पी साधे हुए हैं। वहीं, चीन को लेकर बाइडन ने कहा कि जिनपिंग की अनुपस्थिति एक बड़ी गलती है।