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खतरे में चीन की अर्थव्यवस्था: कहां तक पहुंचेगा प्रॉपर्टी सेक्टर का संकट, किसी को अंदाजा नहीं

Wed, 06 Oct 2021 06:22 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हांग कांग

सार

एवरग्रैंड के संकट में फंसने के बाद ये चर्चा है और तेज हो गई है कि चीन का पूरा प्रॉपर्टी सेक्टर बहुत मुश्किल में है। इसकी वजह से चीन की पूरी अर्थव्यवस्था गहरे संकट में फंस सकती है। इस सोमवार को चीन सरकार ने एवरग्रैंड के शेयर कारोबार और उसके प्रॉपर्टी मैनेजमेंट पर अस्थायी रोक लगा दी थी...
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प्रॉपर्टी - फोटो : pixabay
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विस्तार
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एवरग्रैंड के बाद चीन की जायदाद कंपनी फैंटेसिया होल्डिग्स ग्रुप के भी कर्ज संकट में फंस जाने से ये धारणा और पक्की हुई है कि चीन का पूरा प्रॉपर्टी सेक्टर संकट-ग्रस्त है। फैंटेसिया ग्रुप मंगलवार को मैच्यूर हुए बॉन्ड्स का भुगतान नहीं कर पाया। तय अवधि के मुताबिक वह कर्ज या ब्याज चुकाने में भी फेल हो गया है। एवरग्रैंड की तरह ही इस कंपनी का मुख्यालय भी शेनझेन में है। ये कंपनी भी अत्यधिक कर्ज के बोझ में डूबी हुई है।

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एवरग्रैंड के संकट में फंसने के बाद ये चर्चा है और तेज हो गई है कि चीन का पूरा प्रॉपर्टी सेक्टर बहुत मुश्किल में है। इसकी वजह से चीन की पूरी अर्थव्यवस्था गहरे संकट में फंस सकती है। इस सोमवार को चीन सरकार ने एवरग्रैंड के शेयर कारोबार और उसके प्रॉपर्टी मैनेजमेंट पर अस्थायी रोक लगा दी थी। इसी बीच फैंटेसिया ग्रुप का संकट सामने आ गया है। फैंटेसिया ग्रुप ने 21 करोड़ डॉलर के बॉन्ड अमेरिकी बाजार में बेचे थे। अब उसे चुकाने का समय आया है। लेकिन अब सामने आया है कि कंपनी के पास इसके लिए पैसा नहीं है।

एवरग्रैंड कंपनी के कर्ज संकट में फंसने के बाद से लगातार चीन सरकार से ये मांग की गई है कि वह प्रॉपर्टी सेक्टर के लिए बेलआउट पैकेज की घोषणा करे। लेकिन सरकार ने प्रत्यक्ष रूप से ऐसी कोई राहत अब तक नहीं दी है। हालांकि बीते दस दिन में चीन के सेंट्रल बैंक ने इस क्षेत्र के लिए 123 अरब डॉलर की लिक्विडिटी (नकदी) जरूर उपलब्ध कराई है।
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वेबसाइट एशिया टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन सरकार ने देश के बड़े बैंकों से कहा है कि वे प्रॉपर्टी सेक्टर की मदद करें। इसके लिए मकान खरीदने के इच्छुक लोगों को आसानी से कर्ज मुहैया कराने की सलाह दी गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि जहां संभव वे ये बैंक एवरग्रैंड के शेयरों को खरीद लें। अब पर्यवेक्षकों की निगाह यह देखने पर है कि फैंटेसिया ग्रुप के मामले में सरकार क्या पहल करती है।

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वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम के मुताबिक फैंटेसिया ग्रुप के पास पांच साल के बॉन्ड्स का भुगतान करने के लिए अभी 30 दिन का ग्रेस पीरियड (अनकंपा अवधि) है। इस अवधि का प्रावधान कंपनी ने बॉन्ड बेचते वक्त दिए गए गए अपने दस्तावेज में किया था। इस कंपनी के संकट में फंसने की अटकलें बीते 29 सितंबर से लगाई जा रही हैं। इसका असर यह हुआ है कि शेयर बाजार में उसके शेयरों के भाव 58.5 फीसदी गिर चुके हैं। अब उसके शेयरों के कारोबार को फिलहाल रोक दिया गया है।

फैंटेसिया ग्रुप ने पहले कहा था कि बीते 31 अगस्त को उसके पास विदेश में 20 करोड़ डॉलर की नकदी है, जिससे वह बॉन्ड की रकम चुका देगी। लेकिन 28 सितंबर को उसने रेटिंग एजेंसी फिच को बताया कि उस रकम से उसने ऐसे निजी बॉन्ड्स को चुकाया है, जिनके बारे में उसने पहले सूचना सार्वजनिक नहीं की थी। तभी से इस कंपनी को लेकर अटकलें शुरू हुईं। फिच ने कहा है कि अज्ञात देनदारी की जानकारी सामने आने से इस एजेंसी ने फैंटेसिया के बारे में पहले जो गणना की थी, वह गलत साबित हो गई है।

वेबसाइट निक्कई एशिया का कहना है कि दो प्रॉपर्टी कंपनियों के संकट की असली वजह चीन में मकान खरीदने की दर आई भारी गिरावट है। इससे कंपनियों को जो आमदनी होने की आशा थी, वह नहीं हुई। उससे उनका पूरा वित्त गड़बड़ा गया है।
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