खुद को अफगानिस्तान को कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित करने वाले अमरुल्लाह सालेह के गढ़ पंजशीर में तालिबान में इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। साथ ही उसने दावा किया कि उनके लड़ाके पंजशीर में घुस गए हैं लेकिन विद्रोही गुट ने इसका खंडन किया है। उन्होंने कहा कि तालिबान झूठ बोल रहा है।
सालेह इसी इलाके में हैं और यही एकमात्र प्रांत है जहां तालिबान अभी तक कब्जा नहीं कर सका है। नेट सेवा बंद होने से पहले सालेह ने ट्वीट किया था कि वह कभी भी और किसी भी परिस्थिति में तालिबान के आतंकवादियों के सामने नहीं झुकेेंगे।
वह अपने नायक अहमद शाह मसूद, कमांडर, लीजेंड और गाइड की आत्मा और विरासत के साथ कभी विश्वासघात नहीं करेंगे। कहा जा रहा है कि तालिबान ने इंटरनेट सेवा इसलिए बंद की है ताकि विद्रोही गुट की आवाज दुनिया तक न पहुंच सके। मोबाइल इंटरनेट के अलावा कॉल और मैसेज सेवा को भी बंद कर दिया गया है।