पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के प्रमुख फैज हमीद के अचानक काबुल दौरे पर पेंटागन के पूर्व अधिकारी माइकल रुबिन ने कहा, इससे साफ है कि तालिबान आईएसआई की कठपुतली है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए कहीं अच्छा होगा कि वह आईएसआई की अगुवाई करने वाले फैज हमीद को आतंकी घोषित करे, जो लंबे समय से अफगानिस्तान को शिकार बनाया है और पाकिस्तान के लोकतंत्र या एक सामान्य राष्ट्र बनने की पाकिस्तानियों की उम्मीद को नजरअंदाज किया है।
अमेरिकी एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट (एईआई) में स्थानिक विद्वान रुबिन ने अमेरिकी पत्र 19 फोर्टी-फाइव में लिखा कि हमीद का आपात दौरा इस बात का पक्का सुबूत है कि तालिबान महज एक कठपुतली है। पेंटागन के पूर्व अधिकारी ने कहा, अफगानिस्तान की सरकार को गिराने में हमीद का हाथ होना भी उजागर हो गया है।
कहा, पाक खुफिया चीफ के काबुल दौरे से तालिबान के उसका प्यादा होने की पुष्टि
उन्होंने कहा कि जब तालिबान के आईएसआई की कठपुतली होने की बात स्पष्ट हो गई है, तो अमेरिकी नीति निर्धारकों के लिए यह सवाल है कि किसी को भी तालिबान से बात क्यों करनी चाहिए या उसे मान्यता क्यों देनी चाहिए।
दरअसल ऐसी खबरें आ रही हैं कि अफगानिस्तान में गुटों की आपसी लड़ाई में तालिबान के सह संस्थापक मुल्ला अब्दुल गनी बरादर घायल हो गए हैं। इसके बाद आईएसआई प्रमुख आंतरिक संकट को सुलझाने के लिए काबुल पहुंचे हैं।