पाकिस्तान सेना ने बृहस्पतिवार को पुष्टि की कि इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसएआई) के पूर्व प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) फैज हमीद के खिलाफ कोर्ट मार्शल की कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए उनके खिलाफ ठोस सबूत मौजूद हैं। हालांकि सेना ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) महानिदेशक (डीजी) लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने रावलपिंडी में सुरक्षा और अन्य मुद्दों पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान चौधरी ने कहा कि हमीद के खिलाफ कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उन्होंने इसे हमीद को निष्पक्ष सुनवाई का वादा किया और उनके कोर्ट मार्शल को सेना की खुद की जवाबदेही का उदाहरण बताया।
चौधरी ने कहा कि सेना ने 12 अगस्त 2024 को स्पष्ट रूप से बताया था कि हमीद ने सेना अधिनियम के कुछ प्रावधानों का उल्लंघन किया है। इस पर विस्तृत जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह से ठोस सबूतों के आधार पर की जा रही है और न्याय की प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सुनिश्चित की जा रही है।
चौधरी से जब पूछा गया कि इमरान खान की पार्टी के नेताओं ने आशंका जताई है कि पूर्व प्रधानमंत्री को सेना के हवाले किया जा सकता है या उनके खिलाफ सेना के नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है, तो उन्होंने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
उनसे पूछा गया कि सेना की कार्रवाई की संभावना पर उनकी क्या राय है, तो उन्होने कहा कि यह मामला न्यायाधीन है और आपके सवाल भी काल्पनिक हैं। लेकिन मैं यह निश्चित रूप से कह सकता हूं कि सेना अधिनियम के अनुसार अगर किसी व्यक्ति का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जाता हैऔर इसके लिए सबूत भी होते हैं, तो कानून अपनी प्रक्रिया का पालन करता है। फैज को इमरान खान का करीबी माना जाता है और उनके प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल के दौरान वह आईएसआई के प्रमुख थे।