अफ्रीकी देशों के साथ सैन्य संबंधों को मजबूत करना चाहते हैं जिनपिंग
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चीन-अफ्रीका सहयोग मंच (एफओसीएसी) के 2024 शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि चीन अफ्रीका में 30 स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाएं शुरू करने, मौसम संबंधी प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली स्थापित करने और आपदा रोकथाम, शमन और राहत के साथ-साथ जैव विविधता संरक्षण में सहयोग करने के लिए तैयार है।
हम चीन-अफ्रीका मंच बनाएंगे- जिनपिंग
उन्होंने 20 से अधिक अफ्रीकी राष्ट्राध्यक्षों और सरकार की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में कहा, हम परमाणु प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोग पर एक चीन-अफ्रीका मंच बनाएंगे, 30 संयुक्त प्रयोगशालाएं स्थापित करेंगे और उपग्रह रिमोट सेंसिंग और चंद्र और गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण पर सहयोग करेंगे। यह सब अफ्रीका में हरित विकास में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि चीन पाकिस्तान के साथ अपने सहयोग के समान अफ्रीका में परमाणु ऊर्जा संयंत्र बनाने का इरादा रखता है या नहीं।
शी जिनपिंग ने कहा कि परमाणु और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों पर सहयोग अफ्रीकी देशों को आधुनिक बनाने में मदद करेगा। उन्होंने चीन-अफ्रीका संबंधों को हर मौसम में साथ देने वाली साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने की बात भी कही, यह शब्द आमतौर पर पाकिस्तान के साथ चीन के घनिष्ठ संबंधों का वर्णन करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
रणनीतिक स्तर तक बढ़ाए जाएंगे द्विपक्षीय संबंध
चीनी राष्ट्रपति ने कहा, मैं प्रस्ताव करता हूं कि चीन और चीन के साथ राजनयिक संबंध रखने वाले सभी अफ्रीकी देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक संबंधों के स्तर तक बढ़ाया जाए और चीन-अफ्रीका संबंधों की समग्र विशेषता को हर मौसम में साथ देने वाले चीन-अफ्रीका समुदाय के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि चीन अफ्रीका को एक बिलियन आरएमडी (लगभग 142 मिलियन अमेरिकी डॉलर) अनुदान सहायता देगा और अफ्रीका के 6,000 सैन्य कर्मियों और 1,000 पुलिस और कानून प्रवर्तन अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इस दौरान उन्होंने 500 युवा अफ्रीकी सैन्य अधिकारियों को चीन आने के लिए आमंत्रित किया।
जिनपिंग ने 2015 और 2018 में की थी घोषणाएं
उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण और गश्त करेंगे, बारूदी सुरंग मुक्त अफ्रीका के लिए कार्रवाई करेंगे और कर्मियों और परियोजनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। बता दें कि शी जिनपिंग ने 2015 और 2018 में इसी तरह के चीन-अफ्रीका शिखर सम्मेलनों में 60 बिलियन अमरीकी डालर का वादा किया था, इसके बाद 2021 में 40 बिलियन अमरीकी डालर का वादा किया था।