अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि अमेरिका, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधि एक नया चार सदस्यीय राजनयिक प्लेटफार्म बनाने पर सिद्धांत तौर पर सहमत हो गए हैं। इस प्लेटफार्म का फोकस क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने पर होगा।
अमेरिका ने कहा है कि वह अफगानिस्तान, पाकिस्तान और उजबेकिस्तान से क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने पर केंद्रित एक नया राजनयिक मंच स्थापित करने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत है। इसके लिए सभी देशों ने सहमति दी है। भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के बी हिंद-प्रशांत में चीन की चुनौती से मुकाबला करने के लिए बने क्वाड गठबंधन के बाद यह नए क्वाड गठबंधन की तैयारी की जा रही है।
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अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा, सभी पक्ष अफगानिस्तान में दीर्घकालिक शांति और स्थिरता को क्षेत्रीय संपर्क के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं और वे इस बात पर सहमत हैं कि शांति और क्षेत्रीय संपर्क पारस्परिक रूप से मजबूत किया जा रहा है।
मंत्रालय ने कहा, अंतरक्षेत्रीय व्यापार मार्गों को खोलने के ऐतिहासिक मौके को स्वीकार करते हुए सभी पक्ष व्यापार का विस्तार करने, पारगमन संपर्क बनाने और परस्पर व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए सहयोग करने का इरादा रखते हैं। इसके लिए सभी पक्ष आपसी सहमति और परस्पर सहयोग से इसके तौर-तरीकों का निर्धारण करने के लिए आगामी महीनों में मुलाकात पर सहमत हुए हैं।
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6 देशों की सीमाएं मिलती हैं
अफगानिस्तान की सीमा पूर्व और दक्षिण में पाकिस्तान से, पश्चिम में ईरान से, उत्तर में तुर्कमेनिस्तान, उजबेकिस्तान और ताजिकिस्तान तथा उत्तर पूर्व में चीन से मिलती है। ऐतिहासिक सिल्क मार्ग के मध्य में स्थित अफगानिस्तान लंबे समय तक व्यापार के लिए एशियाई देशों को यूरोप से जोड़ने का माध्यम और सांस्कृतिक, धार्मिक एवं वाणिज्यिक संपर्कों को बढ़ावा देने वाला रहा है।
इसलिए अहम है यह समूह
चीन की बीआरआई योजना का विस्तार अफगानिस्तान तक करने की हत्वाकांक्षा के बीच नए क्वाड समूह का गठन अहम है। बीआरआई चीन की कई अरब डॉलर की योजना है, जिसका मकसद दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य एशिया, खाड़ी क्षेत्रों, अफ्रीका व यूरोप को समुद्र-सड़क मार्ग से जोड़ना है। अफगानिस्तान में भी प्रभुत्व बढ़ाने के लिए चीन सामरिक आधार दे सकता है। ऐसे में नया गठबंधन चीनी विस्तार को रोक सकता है।