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Report: अमेरिका ने एक बार फिर सीरिया में ईरान से जुड़े हथियार भंडारण केंद्र को बनाया निशाना, नौ की मौत

Thu, 09 Nov 2023 08:07 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने कहा कि अमेरिकी कर्मियों के खिलाफ हुए हमलों के जवाब में  युद्धपोतों ने पूर्वी सीरिया में ईरान से जुड़े हथियार भंडारण केंद्र पर हमला कर दिया।
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लगभग दो सप्ताह में यह दूसरी बार है जब अमेरिका ने सीरिया में किसी स्थान को निशाना बनाया है। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अमेरिका ने बुधवार को एक बार फिर सीरिया में ईरान समर्थित आतंकी समूहों से जुड़े हथियार भंडारण पर हमला किया। इस हमले में नौ लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है। बता दें, दो हफ्ते के अंदर दूसरी बार सीरिया की किसी जगह को निशाना बनाया गया। पिछले महीने इन समूहों ने सीरिया में अमेरिकी सैनिकों और मिलिट्री स्टेशनों पर कथित तौर पर हमला कर दिया था। अमेरिकी सेना के सूत्रों के मुताबिक ये कार्रवाई उसी उकसावे को ध्यान में रखकर की गई है। 

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हथियार भंडारण केंद्र पर हमला
अमेरिकी रक्षा सचिव (रक्षा मंत्री) लॉयड जे. ऑस्टिन ने इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कर्मियों के खिलाफ हुए हमलों के जवाब में  युद्धपोतों ने पूर्वी सीरिया में ईरान से जुड़े हथियार भंडारण केंद्र पर हमला कर दिया। 

इस्राइल-हमास युद्ध को क्षेत्रीय युद्ध में बदलने से रोकने की कोशिश
अमेरिका का कहना है कि पूर्वी सीरिया में निशाना बनाया गया हथियार भंडारण केंद्र ईरान से जुड़ा हुआ है। यह ऐसे समूहों का समर्थन करता है, जिनको वाशिंगटन मध्य पूर्व में अपनी सेनाओं पर हमलों में बढ़ोतरी के लिए दोषी मानता है। अमेरिका ईरान और उसके प्रतिनिधियों को इस्राइल-हमास युद्ध को क्षेत्रीय युद्ध में बदलने से रोकने की कोशिश कर रहा है, लेकिन प्रतिक्रिया में बार-बार होने वाले हमलों से वाशिंगटन और तेहरान के बीच संघर्ष का खतरा बढ़ गया है।
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एफ-15 युद्धक विमानों का इस्तेमाल कर किया हमला
अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने बताया कि अमेरिकी की सेना ने पूर्वी सीरिया में ईरान के जिस भंडारण केंद्र को निशाना बनाया है, उसका इस्तेमाल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) और इससे संबंधित समूहों द्वारा किया जाता है। वहीं, कहा जा रहा है कि भंडारण केंद्र पर हमला दो अमेरिकी एफ-15 युद्धक विमानों से किया गया था। 

27 अक्तूबर को भी किया था हमला
गौरतलब है, इससे पहले अमेरिका ने 27 अक्तूबर की सुबह सीरिया में ईरान समर्थित आतंकी समूहों पर आत्म रक्षात्मक सैन्य कार्रवाई की थी। बीते दिनों इन समूहों ने सीरिया में अमेरिकी सैनिकों और मिलिट्री स्टेशनों पर कथित तौर पर हमला कर दिया था। अमेरिकी सेना के सूत्रों के मुताबिक ये कार्रवाई उसी उकसावे को ध्यान में रखकर की गई थी। रक्षा सचिव ने कहा था कि जब अमेरिकी सेना के ठिकानों पर ईरान समर्थित इन आतंकियों ने हमला किया तो हमले के दौरान शेल्टर लेते समय एक अमेरिकी ठेकेदार की हार्ट अटैक से मौत हो गई, साथ ही इस हमले में 21 अमेरिकी सैनिक मामूली रूप से घायल हो गये थे, हालांकि अभी वह वापस ड्यूटी पर लौट आए हैं।

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