दक्षिणी बांग्लादेश में शुक्रवार तड़के सुगंधा नदी पर जा रही तीन मंजिला नौका में आग लगने से कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में कम से कम 150 से अधिक झुलस गए हैं। नौका में करीब 800 लोग सवार थे। एक पुलिस अधिकारी ने घटनास्थल पर संवाददाताओं को बताया कि ज्यादातर मौतें आग लगने से हुई हैं जबकि कुछ नहीं में कूदने के कारण डूबे भी हैं जिनमें से कई लापता हैं।
एक दमकल अधिकारी ने स्थानीय टेलीविजन चैनल को बताया कि नौ शव नदी से निकाले गए हैं जबकि आग से झुलसे 72 यात्रियों का इलाज अकेले बरिशल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है। अफसरों के हवाले से टीवी चैनलों ने बताया कि आग में कम से कम 40 लोग मारे जा चुके हैं।
घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारी ने बताया कि आग लगने के वक्त कई यात्री सो रहे थे और धुएं में सांस लेने के दौरान कुछ की मौत हो गई। बताया गया कि यह नौका अपनी क्षमता से ज्यादा यात्रियों को ले जा रही थी। यहां बड़े पैमाने पर बचाव कार्य चल रहा है जबकि नदी के किनारे और अस्पताल में कई पीड़ितों के रिश्तेदारों की भीड़ लगी हुई है। घटनास्थल राजधानी ढाका से 150 किलोमीटर दक्षिण में है। बरिशल दमकल सेवा के उप निदेशक कमालुद्दीन भुइयां ने बताया कि आग नौका के इंजन कक्ष में लगने का संदेह है।
काफी भीषण था यह हादसा : प्रत्यक्षदर्शी
इस घटना में बाल-बाल बचे सैदुर रहमान ने टीवी चैनलों को बताया कि तड़के तीन बजे नौका के इंजन कक्ष में अचानक आग लग गई और देखते ही देखते इसने पूरी नौका को अपनी चपेट में ले लिया। इस दौरान नौका गबखान पुल के पास पहुंच रही थी। उसने बताया, नौका में बच्चों और बुजुर्गों सहित 800 यात्री सवार थे। इनमें से कई नदी में कूद गए। रहमान ने कहा, कुछ जलने की गंध आने पर मैं वीआईपी केबिन से बाहर आया और देखा कि वहां आग लगी है। इसके बाद मैं, मेरी पत्नी और मेरा साला नदी में कूद गए और हमने तैर कर अपनी जान बचाई। यह हादसा काफी भीषण था।