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Pakistan: 2023 में अहमदियों के 28 पूजा स्थलों पर किया गया हमला, पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने जताई चिंता

Tue, 12 Sep 2023 07:05 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

Pakistan: पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में 2023 में अब तक अहमदी अल्पसंख्यक समुदाय के कम से कम 26 पूजा स्थलों पर या तो कट्टरपंथी इस्लामवादियों ने हमला किया है या पुलिस द्वारा उन्हें आंशिक रूप से ध्वस्त कर दिया गया है।
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अल्पसंख्यक अहमदी समुदाय का पूजा स्थल। (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में 2023 में अब तक अहमदी अल्पसंख्यक समुदाय के कम से कम 26 पूजा स्थलों पर या तो कट्टरपंथी इस्लामवादियों ने हमला किया है या पुलिस द्वारा उन्हें आंशिक रूप से ध्वस्त कर दिया गया है। एक रिपोर्ट में मंगलवार को यह जानकारी दी गई है। एक रिपोर्ट में मंगलवार को यह जानकारी दी गई है। 

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जमात-ए-अहमदिया पाकिस्तान द्वारा लाई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी 2023 से देशभर में उसके पूजा स्थलों को अपवित्र करने की 28 घटनाएं हुई हैं, जिनमें से 10 सिंध में और शेष पंजाब प्रांत में हुई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, 'कुछ अहमदी पूजा स्थलों पर कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी ने हमला किया जबकि अन्य घटनाओं में पुलिस ने धार्मिक चरमपंथियों के दबाव में मीनारों और मेहराबों को ध्वस्त कर दिया और पवित्र लेखों को हटा दिया।'

ऐसी ही ताजा घटना शुक्रवार आठ सितंबर को हुई थी, जब 1984 से पहले बने अल्पसंख्यक समुदाय के पूजा स्थलों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई पर प्रतिबंध लगाने वाले उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना की गई। पंजाब प्रांत में पुलिस ने अहमदियों के पूजा स्थल के मेहराब को नष्ट कर दिया था।

तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) कथित तौर पर अहमदियों के खिलाफ नफरत फैलाने और पूजा स्थलों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर दबाव बनाने में सबसे आगे है। हालांकि, ऐसी किसी भी घटना में संलिप्तता के लिए टीएलपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ अब तक एक भी मामला दर्ज नहीं किया गया है।
 

इससे पहले पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने कहा कि अहमदियों के पूजा स्थलों के हिस्से को नष्ट करना अहमदिया पूजा स्थलों की सुरक्षा के संबंध में लाहौर उच्च न्यायालय के हालिया फैसले का खुला उल्लंघन है। आयोग ने कहा, 'यह एक बार फिर दिखाता है कि समुदाय को कानून प्रवर्तन और धार्मिक रूप से समान रूप से अपमानित किया जा रहा है। 2014 के उच्चतम न्यायालय के फैसले के अनुसार पुलिस को अपने धर्म का पालन करने के समुदाय के अधिकार की रक्षा करनी चाहिए। सरकार को अपराधियों को जवाबदेह ठहराना चाहिए, नुकसान की मरम्मत करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह फिर से न हो।'
 

जमात-ए-अहमदिया पाकिस्तान का कहना है कि देश में पहले से ही हाशिए पर पड़े अहमदियों के लिए स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। रिपोर्ट में कहा गया, 'अहमदियों को बुरे तत्वों के हाथों उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तान के विभिन्न इलाकों में पूजा स्थलों को अपवित्र करने की घटनाएं लगातार जारी हैं। यह एक नया मानदंड बन गया है और अधिकारी कुछ नहीं कर रहे हैं।'
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21 अक्तूबर को पाकिस्तान लौटेंगे नवाज शरीफ : शहबाज
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) सुप्रीमो नवाज शरीफ (73) आगामी चुनावों में पार्टी के राजनीतिक अभियान का नेतृत्व करने 21 अक्तूबर को लंदन से पाकिस्तान लौटेंगे। नवाज नवंबर 2019 से लंदन में आत्मनिर्वासित जीवन बिता रहे हैं। यह जानकारी लंदन में नवाज की अध्यक्षता में पीएमएल-एन के शीर्ष नेतृत्व की बैठक के बाद शरीफ के छोटे भाई और पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को दी। उन्होंने कहा कि पार्टी संस्थापक की वापसी पर भव्य स्वागत किया जाएगा।

नवाज को 2018 में अल-अजीजिया मिल्स और एवेनफील्ड भ्रष्टाचार मामलों में दोषी ठहराया गया था। वह अल-अजीजिया मिल्स मामले में लाहौर की कोट लखपत जेल में सात साल की कैद की सजा काट रहे थे, इस दौरान उन्हें 2019 में चिकित्सा आधार पर लंदन जाने की अनुमति दी गई थी।
 
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