श्रीलंका में राजनीतिक विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। गुरुवार को श्रीलंकाई संसद में जूतमपैजार देखने को मिली। दरअसल ये सब कुछ महिंदा राजपक्षे के एक बयान के बाद हुआ, जिसमें जिसमें उन्होंने कहा कि संसद के अध्यक्ष को यह हक नहीं है कि वो उन्हें पद से हटा सकें।