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Israel Iran Conflict: इस्राइल ने ईरान के 14 परमाणु वैज्ञानिकों को क्यों मारा?

Wed, 25 Jun 2025 12:46 AM IST
सत्यम दुबे वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

ईरान के खिलाफ इस्राइल के हालिया सैन्य अभियान में कम से कम 14 वरिष्ठ ईरानी परमाणु वैज्ञानिकों की मौत हो गई थी। इस्राइल ने इन वैज्ञानिकों की हत्या करने के लिए लक्षित हमले किए थे। इस्राइल के इन हमलों का मकसद तेहरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को धवस्त करना था। फ्रांस में इस्राइल के राजदूत जोशुआ जर्का का कहना है कि वैज्ञानिकों की मौत और इस्राइली और अमेरिकी हमलों में बचे परमाणु ढांचों और सामग्रियों से ईरान के लिए हथियार बनाना लगभग असंभव होगा।

उन्होंने कहा कि एक साथ इतनी बड़ी संख्या में वैज्ञानिकों के मारे जाने के कारण ईरान का परमाणु कार्यक्रम कुछ वर्ष नहीं काफी वर्ष के लिए टल गया है। वहीं, दूसरी ओर परमाणु विश्लेषकों का यह भी कहना है कि ईरान के पास अन्य वैज्ञानिक हैं जो उनकी जगह ले सकते हैं। जर्का ने बताया कि इस्राइली हमलों में कम से कम 14 भौतिकविदों और परमाणु इंजीनियरों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि मारे गये लोग ईरान के शीर्ष वैज्ञानिक थे और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के पीछे उनका ही दिमाग था।  

उन्होंने कहा कि वे इसलिए नहीं मारे गए कि वे फिजिक्स (भौतिकी) जानते थे, बल्कि इसलिए मारे गए क्योंकि वे व्यक्तिगत रूप से लड़ाई में शामिल थे। परमाणु हथियार का निर्माण और निर्माण और उत्पादन कर रहे थे। इस्राइली सेना ने कहा कि 13 जून को इस्राइल के हमलों की शुरुआती लहर में उनमें से नौ वैज्ञानिक मारे गए थे। उनके पास "परमाणु हथियारों के विकास में दशकों का अनुभव था" और इसमें रसायन विज्ञान, सामग्री और विस्फोटक के साथ-साथ भौतिक विज्ञानी भी शामिल थे।

हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अमेरिकी विशेषज्ञ एवं पूर्व राजनयिक मार्क फिट्जपैट्रिक ने कहा कि परमाणु कार्यक्रम की रूपरेखा उनके पास सुरक्षित है और पीएचडी करने वालों की अगली पीढ़ी इसका उपयोग करने में सक्षम होगी। उन्होंने कहा कि परमाणु केंद्रों पर बमबारी करना या कुछ लोगों को मारने से इस परमाणु कार्यक्रम को कुछ समय के लिए पीछे धकेल दिया जाएगा। 

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