पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले मामले को लेकर ममता सरकार विवादों में घिरी हुई है। इस बीच, टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने बुधवार को अलग-अलग घोटालों में अपने नेताओं पार्थ चटर्जी और अनुब्रत मंडल की गिरफ्तारी पर पार्टी की अलग-अलग प्रतिक्रियाओं को सही ठहराने की मांग की। सौगत ने कहा कि बड़ी मात्रा में नकदी की जब्ती पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी के लिए शर्मनाक है। तृणमूल कांग्रेस के भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस पर जोर देते हुए रॉय ने कहा कि दोनों मामले एक जैसे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि, पार्थ चटर्जी का मामला साफ है क्योंकि उनकी सहयोगी के आवास से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की गई थी। इसलिए, पार्टी ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। लेकिन अनुब्रत मंडल या टीएमसी विधायक माणिक भट्टाचार्य के लिए ऐसा नहीं है क्योंकि अब तक उनके खिलाफ केवल भ्रष्टाचार के आरोप हैं जो अभी साबित नहीं हुए हैं।