उत्तरकाशी में डुण्डा पुलिस की टीम द्वारा चौकी डुण्डा बैरियर पर भारी मात्रा में प्रतिबन्धित काजल काठ की लकड़ी पकड़ी गयी है। डुण्डा पुलिस द्वारा डुण्डा बैरियर पर चैकिंग के दौरान वाहन से काजल काठ की लकड़ी के 597 नग बरामद किये गये। काजल की लकड़ी उच्च हिमालय के आरक्षित वन क्षेत्र में पाई जाती है। काजल औषधीय दृष्टिकोण से सर्वोत्तम मानी जाती है। इसे बौद्घ सम्प्रदाय के लोग इसके बर्तन (बाउल) बनाकर खाद्य एवं पेय पदार्थों के लिए इस्तेमाल करते हैं। भारत, चीन, तिब्बत, नेपाल आदि देशों में इस लकड़ी की तस्करी कर उच्च कीमतों पर बेचा जाता है।