रुद्रनाथ महोत्सव के दूसरे दिन की सांयकालीन सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक इन्द्र आर्य एवं दर्शन फस्र्वाण के नाम रही। कार्यक्रम में दर्शन फस्र्वाण ने हे नंदा, हे गौरा कैलाशों की जात्रा से कार्यक्रम की शुरूआत की। जिसके बाद आछरियूं बारह नम बैराग धुनी, हे छैला गुलाबी छैला झम का झोला, शिव जटाधारी, मासी का फूल, घो लागो, झुमकी, रंगली बाना की जोरदार प्रस्तुति दी। वहीं इन्द्र आर्य ने शावरी शावरी से अपनी सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरूआत की। जिसके बाद तेरू लैहंगा, हे मधु, नथुली की डोर, ओल्ड फैशन समेत कई गीतों की जोरदार प्रस्तुतियां दी। लोक गायकों के गीतों पर देर सांय तक दर्शक आनंद लेते रहे।