नैनीताल। असम मूल की और फ्रांस में स्पेस साइंस के क्षेत्र में कार्य कर रहीं प्रियंका राज ककाती का कहना है कि स्पेस साइंस को समझने के लिए आर्टिस्टिक रूप सरल माध्यम है। स्पेस संबंधित कार्य को हर कोई नहीं समझ पाता है। आर्ट्स में रुचि होने के कारण उन्होंने स्पेस साइंस को आर्टिस्टिक रूप में समझाने का माध्यम बनाया। उनकी स्पेस संबंधी उनकी आर्टिस्टिक पेंटिंग नासा की मांग पर उन्हें भी भेजी गई हैं। हिमालयन इकोज उत्सव में बातचीत के दौरान प्रियंका ने बताया कि दिल्ली में उन्होंने भौतिकी विषय की पढ़ाई की जबकि फ्रांस से स्पेस साइंस में पीएचडी किया। अब वहीं कार्य कर रही हैं। कहा कि स्पेस साइंस के क्षेत्र में कई कार्य हो रहे है, लेकिन वो लोगों की समझ से परे हैं। आर्ट्स में रुचि के चलते उन्होंने इसे स्पेस साइंस को समझने का माध्यम बनाया। स्पेस सेटेलाइट के डेटा कलेक्ट एवं क्लाइमेट चेंज को उन्होंने चित्रों से बयां किया है। मुख्य रूप से आसाम में बाढ़ आदि को प्रदर्शित किया है। इसके अलावा भी स्पेस साइन से संबंधित कई पेंटिंग बनाई हैं। करीब तीन वर्ष नासा फंडिंग के तहत एक योजना पर कार्य किया। नासा को स्पेस साइंस के आर्टिस्टिक फोटो भेजे हैं।