अर्धकुंभ को कुंभ बनाने की प्रक्रिया में किए जा रहे विकास कार्यों में कई खाका खीचा गया है। इसमें सबसे बड़ी उपलब्धि करीब 30 करोड़ की लागत से धर्मनगरी को मेला नियंत्रण भवन 2 की सौगात मिल रही है। मेला प्रशासन इसके लिए व्यापक प्रस्ताव तैयार किया था, जिसको शासन की उच्च स्तरीय समिति ने स्वीकृत कर दिया। बता दें कि कुल चार मंजिला इस बहुउद्देशीय भवन में पूरा सिस्टम स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा इस भवन के चौथे मंजिल पर हेलिकॉप्टर आसानी से लैंड कर सकेगा। अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने बतया कि कुंभ मेला आयोजन को लेकर की जा रही तैयारियों में मेलाधिकारी सोनिका के निर्देशन में दूसरे भवन के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया था। शासन में प्रेषित करने के बाद इसे स्वीकृति मिली है। मेला नियंत्रण के लिए इस दूसरे भवन में सभी विभागों को शिफ्ट किया जाएगा। नए भवन में स्नान पर्व, कुंभ और कांवड़ के दौरान अपनी तैयारियों को परखने और उसे दुरुस्त करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी बैठ सकेंगे। इसमें नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, ऊर्जा निगम समेत तमाम उन विभागों को व्यवस्था दी जाएगी जो स्नान पर्व में महत्वपूर्ण भूमिका में रहते हैं।