कर्णप्रयाग में नवरात्र के अवसर पर उमा देवी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से मंदिर में पूजा अर्चना के लिए दूर दराज से भक्त मंदिर में पूजा अर्चना के लिए पहुंचे। उमा देवी मंदिर पौराणिक सिद्धपीठ मंदिर है। भारत का यह एक मात्र उमा देवी का मंदिर है। मंदिर के पुजारी नरेश पुजारी ने बताया कि इस मंदिर को आठवी सदी का माना जाता है। उन्होंने बताया कि दक्ष प्रजापति ने मां पार्वती के पति शिव को यज्ञ में नहींं बुलाया था। तो पार्वती हवन कुंड में होम हो गई थी। जिसके बाद पार्वती ने पुनः शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए बरसो यहां तपस्या की थी।