नौटी में मौडवी का समापन हो गया है। इसके साथ ही हर बारह वर्ष बाद आयोजित होने वाली श्रीनंदा देवी राजजात यात्रा की तैयारियां भी शुरू हो गई है। समिति के अनुसार वर्ष 2026 में राजजात संभावित मानी जा रही है। हिमालयी सचल महाकुंभ श्रीनंदा देवी राजजात यात्रा और इससे पहले होने वाली मौडवी हर बारह साल बाद आयोजित होती है। हालांकि मौडवी और राजजात यात्रा दोनों का आयोजन कभी 14 तो कभी इससे अधिक समय में आयोजित होता रहा है। राजजात समिति के अनुसार वर्ष 1922 में मौडवी हुई तो तीन साल बाद वर्ष 2025 में राजजात का आयोजन किया गया। इसके बाद मौडवी लंबे अंतराल के बाद 1948 में हुई। तब तक राजजात यात्रा भी नहीं हुई। इसके बाद वर्ष 1951 में राजजात यात्रा हुई। 15 साल बाद 1963 में मौडवी तो वर्ष 1968 में श्रीनंदा देवी राजजात यात्रा हुई, जिसके बाद वर्ष 1980 में मौडवी तो वर्ष 1987 में राजजात का आयोजन किया गया। जबकि वर्ष 1996 में मौडवी और वर्ष 2000 में श्रीनंदा देवी राजजात यात्रा हुई। अलग राज्य बनने के बाद वर्ष 2010 में मौडवी का आयोजन हुआ। तो वर्ष 2014 में राजजात का आयोजन किया गया। अब मौडवी संपन्न हो गई है। ऐसे में मान्यताओं के अनुसार 12 साल बाद आयोजित होने वाली राजजात की संभावना वर्ष 2026 में जताई जा रही है। जिसके लिए समिति और स्थानीय प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है।