जर्जर भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं 52 छात्र-छात्राएं, हादसे की आशंका। देवाल ब्लॉक के दूरस्थ गांव बमोटिया स्थित प्राथमिक विद्यालय की हालत बेहद खराब है। स्कूल का बरामदा पूरी तरह जर्जर हो चुका है, और उसकी छत गिरने से रोकने के लिए दो लकड़ियों का सहारा दिया गया है। स्थानीय लोगों और विद्यालय प्रबंधन की कई बार शिकायतों के बावजूद शिक्षा विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। बच्चों को बारिश के मौसम में भी इस खतरनाक छत के नीचे पढ़ाई करनी पड़ रही है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। विद्यालय में कुल 52 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। साथ ही यहीं पर आंगनबाड़ी केंद्र और जूनियर विद्यालय के छात्र भी बैठते हैं। लेकिन भवन की हालत इतनी खराब है कि सभी बच्चों की जान खतरे में है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह भवन 2015–16 में बना था लेकिन निर्माण में गुणवत्ता की भारी कमी रही, जिससे भवन कुछ वर्षों में ही जर्जर हो गया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ने बताया कि विभाग को कई बार इस भवन की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने मांग की है कि शिक्षा विभाग तुरंत नया भवन उपलब्ध कराए, ताकि बच्चों की पढ़ाई सुरक्षित माहौल में हो सके।