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Baeshwar: 21 साल से चल रहे आंदोलन की अनदेखी कर रही सरकार, चेतावनी दी

बागेश्वर-टनकपुर रेल लाइन निर्माण की मांग को लेकर संघर्ष समिति ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। समिति के सदस्यों ने केंद्र सरकार पर 21 साल से चल रहे आंदोलन की अनदेखी करने का आरोप लगाया। रेल लाइन का निर्माण कार्य शुरू होने तक संघर्ष जारी रखने की चेतावनी दी है। संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी ने कहा कि सामरिक महत्व की बागेश्वर-टनकपुर रेल लाइन की सर्वे का कार्य अंग्रेजों के शासन काल में ही हो चुका था। आजादी के बाद केंद्र की सरकारें भी अब तक सर्वे का ही राग अलाप रही हैं। कभी राष्ट्रीय महत्व की परियोजना में शामिल करने तो कभी फाइनल सर्वे के नाम पर सरकार जनता को बरगलाने का कार्य कर रही है। वर्ष 2004 से समिति रेल लाइन की मांग के लिए आंदोलन कर रही है। जिले से लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर में धरना-प्रदर्शन, पदयात्रा, ज्ञापन आदि के माध्यम से संघर्ष चल रहा है, बावजूद इसके अब तक रेल लाइन के लिए बजट की मंजूरी नहीं मिली है। कहा कि जब तक सरकार बजट मंजूर कर रेल लाइन का काम शुरू नहीं कराती, समिति का आंदोलन चलता रहेगा। सामजिक कार्यकर्ता अर्जुन देव ने कहा कि केंद्र में सरकारें आती-जाती रही, लेकिन प्रत्येक दल की सरकार ने जनता को ठगने का काम किया है। सबसे पुरानी रेल लाइन का निर्माण कराने की बजाय प्रदेश के अन्य स्थानों पर नई योजनाएं शुरू की जा रही है। जल्द सरकार ने रेल लाइन के लिए बजट मंजूर नहीं किया तो जन आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर केशवानंद जोशी, प्रताप सिंह गढि़या, चरण सिंह बघरी, प्रवीण दफौटी, हेमा जोशी, सरस्वती गैलाकोटी आदि मौजूद रहे।

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