बिचला दानुपर के गांवों की मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग के लिए ग्रामीणों ने कपकोट में पैदल मार्च निकाला। तहसील परिसर में धरना देकर अधिकारियों को नौ महीने पहले दिए गए लिखित आश्वासन के पत्र दिखाए। जल्द सभी समस्याओं का समाधान करने की मांग की। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र कोरंगा के नेतृत्व में शामा, लीती, गोगिना, हांप्टीकापड़ी, रातिरकेटी के ग्रामीण 11.30 पर कपकोट पहुंच गए थे। सभी लोग केदारेश्वर मैदान में एकजुट हुए। मैदान से शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसील तक मार्च किया। तहसील परिसर में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। करीब 12.30 से शुरू हुआ धरना शाम तक चलता रहा। इस दौरान कुछ विभागों के अधिकारी मौके पर आए। कुछ अधिकारियों ने फोन के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। कोरंगा ने बताया कि 18 सितंबर 2024 को क्षेत्रवासियों ने जिला मुख्यालय में पदमार्च किया था। तब डीएम से वार्ता के दौरान विभागीय अधिकारियों ने लिखित में आश्वासन दिए थे। आज तक इनमें एक प्रतिशत भी काम नहीं हुआ है। अधिकारियों से ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही ग्रामीणों ने शाम को करीब 4.30 बजे धरना समाप्त किया। इस मौके पर दीपक कोरंगा, संजू बिष्ट, राजेंद्र कोरंगा, गुड्डू कनेरा, सुंदर सिंह दानू, शेर सिंह कोरंगा, तारा कोरंगा, गरिमा कोरंगा आदि मौजूद रहे।