गंगा की लहरों, रिमझिम फुहारों के बीच मालिनी ने कजरी की क्लास ली। देश-विदेश के युवा संगीतकारों ने गंगा में लग्जरी क्रूज की सवारी कर कजरी, दादरा, झूला, ठुमरी सीखने का अनुभव लिया वो भी कजरी के ह्रदयस्थल मिर्जापुर में। पांच दिवसीय कार्यशाला ''रिमझिम बरसे बदरिया'' के चौथे दिन बारिश के चलते बड़ा रूहानी हो गया। मंगलवार को लोकगायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने अपने लोक धुनों की मनमोहक फुहारों से नवांकुर गायकों में संगीत का मधुर बयार घोल दिया। उन्हें उसी प्रकृति में ले जाकर कजरी की बारीकियों से रूबरू कराया। अब बुधवार को गुरु पूर्णिमा पर इस पांच दिवसीय जीवंत कार्यशाला का समापन हो जाएगा।