रॉबर्ट्सगंज कचहरी स्थित सोनभद्र बार एसोसिएशन में शुक्रवार को अधिवक्ता परिषद काशी प्रांत जिला इकाई सोनभद्र की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में नारी अस्मिता, समानता एवं न्याय विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने भारत माता और मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और वंदे मातरम के साथ किया। मुख्य अतिथि वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अनुपमा सिंह ने कहा कि जब भी नारी को अवसर मिला है, उसने अपनी प्रतिभा, साहस और संकल्प से समाज को नई दिशा दी है। नारी में करुणा, शक्ति, धैर्य और संघर्ष की अद्भुत क्षमता होती है। विंध्य कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अंजली विक्रम सिंह ने कहा कि नारी सृष्टि की आधारशिला है। वह मां, बहन, बेटी और पत्नी के रूप में परिवार और समाज को संस्कार देती है। नारी के बिना समाज की कल्पना अधूरी है। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक डॉ. ओमप्रकाश त्रिपाठी, पूनम सिंह, सोनभद्र बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक प्रसाद श्रीवास्तव, महामंत्री योगेश कुमार द्विवेदी, विनोद कुमार चौबे, पवन कुमार मिश्र ने भी विचार व्यक्त किया। अध्यक्षता अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष राजीव कुमार सिंह और संचालन परिषद के महामंत्री विनोद कुमार शुक्ल ने किया। कार्यक्रम में अतिथियों को रानी लक्ष्मीबाई और मदर टेरेसा की स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही निशुल्क रक्त जांच शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें अधिवक्ताओं ने अपने रक्त की जांच कराई। इस मौके पर मनीष कुमार चतुर्वेदी, सुनील मालवीय, योगेश कुमार, प्रभात मिश्रा, अखिलेश मिश्रा, अनिरुद्ध सोनी, समृद्धि, पुष्पा तिग्गा, निर्मला शर्मा, गीता देवी, शालिनी चतुर्वेदी, कुमारी नीरज यादव, रागिनी पाठक आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।