शाहजहांपुर में गुरुद्वारा गुरुनानक देव (कुटिया साहिब) में शनिवार को महान गुरमत समागम का प्रारंभ हो गया। जिसमें बड़ी संख्या में संगत उमड़ी और गुरुग्रंथ साहिब के सामने मत्था टेका। इस बीच रागी जत्थे ने शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया। साहिब गुरु अमर दास के जोती जोत दिवस, साहिब गुरु रामदास के गुरियाई दिवस की 450 साल शताब्दी, संत बाबा सुखदेव सिंह महाराज की 41वीं मिट्ठी याद को समर्पित महान समागम के शुभारंभ में प्रातः में अखंड पाठ की समाप्ति के बाद सुखमनी साहिब के पथ हुए। इसके बाद गुरमत दीवान सजाया गया। गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के हजूरी रागी गुरजीत सिंह, बेअंत सिंह ने कीर्तन किया। गुरु रामदास संगीत विद्यालय रोजा के प्रोफेसर दिलजीत सिंह ने साथियों के साथ संत की महिमा में शबद गायन किया। गुरुद्वारा कुटिया साहिब के हजूरी रागी कलविंदर सिंह ने गुरु महिमा का बखान किया। अंग्रेज सिंह, सुखराज सिंह ने कथा विचार करते हुए महापुरुषों के जीवन पर प्रकाश डाला। शाम में गुरमत समागम हुए। जिनमें रुद्रपुर से आए गुरविंदर सिंह ने कथा कीर्तन से संगत को निहाल किया। कार्यक्रम में संस्था अध्यक्ष सरदार राजिंदर सिंह परुथी, हरभजन सिंह परुथी, जगजीत सिंह जागीर सिंह, रविंदर सिंह नेता जी, परविंदर सिंह, मंजीत सिंह, स्वर्ण सिंह, गुरदीप सिंह राजा, महेंद्र सिंह, जसप्रीत सिंह कोमल, मनमोहन सिंह का सहयोग रहा