पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में शनिवार को बिजली कर्मियाें ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने कहा कि कॉर्पोरेट घरानों से मिली भगत और बड़े घोटाले की आशंका को देखते हुए निजीकरण का निर्णय निरस्त किया जाए। इंजीनियर धनंजय सिंह ने कहा कि निजीकरण के मामले में प्रारंभ में ही जिस प्रकार अवैध ढंग से ट्रांजेक्शन कंसल्टेंट की नियुक्ति की गई उससे बड़े घोटाले की आशंका बढ़ गई थी। सरकार को चाहिए कि इसकी उच्चस्तरीय जांच कराए और निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त किया जाए।