प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में तहसील बार एसोसिएशन चंदौसी के अधिवक्ताओं, स्टाम्प वेंडरों, दस्तावेज लेखकों, मुंशियों एवं अन्य संबंधित कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन आठवें दिन सोमवार को भी जारी रहा। इस दौरान उप निबंधक कार्यालय पर सभी आंदोलनकारी डेरा डाले रहे और बैनामे नहीं होने दिए गए। धरने को संबोधित करते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि सरकार का यह निर्णय न केवल अधिवक्ताओं के हितों के विपरीत है, बल्कि उनके अधीन कार्य करने वाले हजारों स्टाम्प वेंडरों, दस्तावेज लेखकों, मुंशियों, टाइपिस्टों एवं अन्य कर्मचारियों के रोजगार पर भी सीधा कुठाराघात है। कहा कि यदि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वर्तमान स्वरूप में लागू किया गया तो इससे हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी और उनके समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाएगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र ही इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। अध्यक्षता बार अध्यक्ष धर्मवीर सिंह यादव ने की तथा संचालन महामंत्री दिलीप यादव ने किया। धरने में प्रमुख रूप से नरेश कुमार, पिंटू शर्मा, अंकित शर्मा, रूपेश सक्सेना, रामवीर, शीशपाल, छत्रपाल यादव, शकीर, निर्देश कुमार, सुबोध यादव, पूरन सिंह, कांजी लाल, रामगोपाल सैनी, चोखेलाल सागर, सियाराम मौर्य, केपी यादव आदि अधिवक्ता, स्टाम्प वेंडर, दस्तावेज लेखक एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।