चंदौसी। प्रदेश सरकार की प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री की नई व्यवस्था के विरोध में तहसील बार एसोसिएशन के आह्वान पर अधिवक्ताओं, स्टांप वेंडरों, दस्तावेज लेखकों, मुंशियों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन तहसील मुख्यालय पर छठे दिन भी जारी रहा। धरने में मौजूद अधिवक्ताओं ने कहा कि सरकार का निर्णय न केवल अधिवक्ताओं के हितों के विपरीत है, बल्कि उनके अधीन कार्य करने वाले हजारों स्टांप वेंडरों, दस्तावेज लेखकों, मुंशियों, टाइपिस्टों एवं अन्य कर्मचारियों के रोजगार पर भी सीधा कुठाराघात है। यदि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वर्तमान स्वरूप में लागू किया गया तो हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी और आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाएगा। यदि सरकार ने शीघ्र ही इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। अधिवक्ताओं ने एक स्वर में आंदोलन को मांग पूरी होने तक जारी रखने का संकल्प दोहराया तथा अपने अधिकारों एवं रोजगार की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया। अध्यक्षता उपाध्यक्ष धर्मवीर सिंह यादव ने की। संचालन महामंत्री दिलीप यादव ने किया। पिंटू शर्मा, अंकित शर्मा, रूपेश सक्सेना, रामवीर, शीशपाल, छत्रपाल यादव, केपी यादव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, स्टांप वेंडर, दस्तावेज लेखक एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।