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ई रजिस्ट्री को लेकर अधिवक्ताओं का धरना प्रदर्शन जारी

संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में ई-रजिस्ट्री और फ्रंट ऑफिस व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टाम्प वेंडर्स और टाइपिस्टों का सोमवार को भी उप निबंधक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन जारी रहा। इस कारण उप निबंधक कार्यालय में न्यायिक व निबंधन कार्य पूरी तरह ठप रहा। आंदोलन करने वालों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ड्रिस्ट्रिक्ट सीनियर बार एसोसिएशन एंड लाईब्रेरी के अध्यक्ष शहाबउद्दीन खान और सचिव जाकिर हुसैन ने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने से दस्तावेज लेखक, स्टांप वेंडर और टाइपिस्टों के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो जाएगा। रजिस्ट्री का कार्य कुछ सीमित लोगों तक ही सिमट जाने की आशंका है। साथ ही, खतौनी में त्रुटियों के कारण गलत बैनामा होने की आशंका बढ़ेगी। इससे न्यायालयों में मुकदमों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। अधिवक्ताओं ने सरकार से मांग किया कि ई-रजिस्ट्री लागू करने का निर्णय वापस लिया जाए। चेतावनी दी कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। संभल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि शासन ने 4 जून, 2026 को जो ई-रजिस्ट्री व्यवस्था प्रस्तावित की है, वह अव्यावहारिक है और इससे जुड़े लोगों के हितों के खिलाफ है। इसी वजह से विरोध किया जा रहा है। इस अवसर पर राजीव भटनागर, मनीष आर्य, मुस्तहसिन रजा जैदी, चौधरी रमेश सिंह, प्रकाशवीर सिंह, चंद्रप्रकाश राव, अब्दुल्ला आदिल रिजवी आदि रहे।

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