नवसृजित चंदापुर थाने का रविवार को पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने उद्घाटन किया। सबसे पहले मान प्रणाम ग्रहण किया। इसके बाद उन्होंने कार्यालय का फीता काटकर उद्घाटन किया। शाम 4:10 बजे डीजीपी प्रशांत कुमार चंदापुर थाने पहुंचे वह यहां करीब एक घंटे तक रहे इस दौरान उन्होंने कार्यालय में बने थानाध्यक्ष का आफिस, हवालात, सीसीटीएनएस कार्यालय को देखा। डीजीपी ने 14 चौकीदारों को साइकिल और छतरी वितरित करने के आलावा थाना परिसर के अंदर पौधारोपण भी किया। उनके साथ एडीजी जोन एसबी शिरडकर आईजी रेंज तरुण गाबा, डीएम हार्षिता माथुर, एसपी डॉ यशवीर सिंह भी मौजूद रहे। नव सृजित चंदापुर थाना के अंतर्गत कुल 23 ग्राम पंचायतों के 159 मजरे शामिल हैं। 21 ग्राम पंचायत व महराजगंज थाने से व दो ग्राम पंचायत मिल एरिया थाने से काटकर थाना क्षेत्र में मिलाया गया है। एसपी ने डीजीपी को रायबरेली जनपद की पुलिस से जुड़ी भौगोलिक स्थिति से वाकिफ कराते हुए बताया कि चंदापुर को मिलाकर कुल बीस थाने व पांच सीओ सर्किल हैं, पैंतीस पुलिस चौकियां है, कुल तीन हजार चौदह पुलिस बल की तैनाती है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने कहा कि कानून व्यवस्था अच्छी होगी तो खुशहाली भी होगी और विकास भी होगा एवं डेवलपमेंट के नए प्रोजेक्ट भी स्थापित होंगे। वर्तमान सरकार में कानून व्यवस्था अच्छी हुई है। डीजीपी ने कहा कि रायबरेली जनपद वर्षों से राजनीतिक दृष्टि कोण से महत्वपूर्ण रहा है, जनपद की एक अलग ही विशेषताएं रही हैं। डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि इस क्षेत्र के लोग शासन में जाकर क्षेत्र के विकास के लिए हमेशा प्रयासरत रहते हैं। यही वजह की क्षेत्र में काफी कुछ हम सभी को देखने का मिल रहा है, उन्होंने कहा कि यहां के लोगों की देन है कि मानक को दरकिनार कर राजाज्ञा प्रदान की है। कहीं ना कहीं उनका इशारा चंदापुर रियासत के बड़े राजा कौशलेंद्र प्रताप सिंह की तरफ था। डीजीपी उद्घाटन कार्यक्रम के बाद चंदापुर कोठी पहुंचे यहां उन्होंने कौशलेंद्र प्रताप सिंह से करीब आधे घंटे से अधिक बातचीत की इसके बाद लखनऊ रवाना हो गए। इस दौरान एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ, एडीशनल एसपी संजीव सिन्हा एसडीएम सचिन यादव, तहसीलदार मंजुला मिश्रा आदि मौजूद रहे।