लालगंज (रायबरेली)। पिछले सप्ताह आए आंधी तूफान के बाद भी क्षेत्र के कई गांवों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी है। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। बिजली के खंभे पहुंचाने में हो रही परेशानी से मरम्मत कार्य प्रभावित है। बुधवार को आए तेज आंधी-तूफान में कई गांवों के बिजली खंभे उखड़ गए थे। नगर क्षेत्र में अधिकांश लाइनों की मरम्मत कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है, लेकिन देहात क्षेत्र के कई गांव अब भी बिजली संकट झेल रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली न होने से पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। मवेशियों के लिए पानी की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो रहा है। टेढ़े का पुरवा मजरे मजरे अंबारा पश्चिम गांव निवासी अच्छेलाल यादव और रविशंकर ने बताया कि गांव में कई खंभे टूट गए थे। बिजलीकर्मियों ने आधे गांव की आपूर्ति तो बहाल कर दी गई लेकिन अभी भी आधे से अधिक घरों में बिजली नहीं पहुंची है। सराय मिशरन गांव निवासी पंकज, महेश, दिवाकर ने बताया कि गांव के टूटे खंभों की मरम्मत अब तक नहीं हो सकी है। शिकायत के बाद दो खंभे उपलब्ध कराए गए लेकिन उन्हें ट्रैक्टर पर लादने तक की व्यवस्था नहीं है। खंभे उठाने के लिए हाइड्रा मशीन भी नहीं मिल रही है। दतौली गांव निवासी अभिषेक, परमेंद्र और सितम ने बताया कि गांव के करीब 40 घरों की बिजली एक सप्ताह से बंद है। इससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने जेई को प्रार्थना पत्र देकर जल्द मरम्मत कार्य कराने और बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। जेई बृजेश कुमार ने बताया कि लगभग सभी गांवों की विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है। जहां कहीं भी गड़बड़ी है उसे मरम्मत करा कर ठीक कराया जा रहा है।