रायबरेली के हलोर में 29 अक्तूबर को बारिश की संभावना को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान की फसल पकने के दौर में है और कई स्थानों पर कटाई की तैयारी चल रही है। ऐसे में यदि बारिश होती है तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। बेमौसम बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल गिरने, फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने और कटाई में देरी होने की आशंका जताई जा रही है। महराजगंज क्षेत्र के भटसरा गांव निवासी किसान ओम प्रकाश मिश्रा ने बताया कि यदि इस समय बारिश होती है तो खेतों में खड़ी धान की फसल गिर सकती है। इससे फसल काटने में काफी परेशानी होगी और किसानों की मेहनत पर पानी फिरने का खतरा है। उन्होंने कहा कि किसान पूरे साल फसल तैयार करने में मेहनत और पूंजी लगाते हैं, लेकिन मौसम की मार उनकी उम्मीदों पर पानी फेर सकती है। वहीं, पुरासी गांव निवासी गंगा सागर पांडेय, जमुरावां निवासी प्रवीण त्रिपाठी और पहाड़गंज निवासी पारसनाथ सिंह ने भी बेमौसम बारिश की आशंका पर चिंता जताई। किसानों का कहना है कि धान की फसल इस समय काफी संवेदनशील अवस्था में है। बारिश और तेज हवा के कारण फसल खेतों में गिर सकती है, जिससे कटाई और उपज को सुरक्षित रखने में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। किसानों के मुताबिक, धान की फसल तैयार होने के समय मौसम में अचानक बदलाव उनकी परेशानी बढ़ा देता है। यदि बारिश होती है तो खेतों में नमी बढ़ने से कटाई और फसल को सुखाने में भी दिक्कत आ सकती है। इससे उत्पादन के साथ-साथ किसानों की आमदनी पर भी असर पड़ने की आशंका है। फिलहाल, 29 अक्टूबर को बारिश की संभावना ने धान उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि मौसम उनका साथ दे, ताकि महीनों की मेहनत से तैयार फसल को सुरक्षित घर तक पहुंचाया जा सके।